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गुजरात : रेल पटरी पर रख दिए पत्थर, पायलट ने अचानक लगाई ब्रेक; टल गया हादसा

गुजरात के अमरेली रेल पटरी पर पत्थर और सीमेंट के खंभे रखकर एक यात्री ट्रेन को पटरी से उतारने की कोशिश की गई। गनीमत रही कि पायलट ने पटरी पर रखे बोल्डरों को दूर से देखकर अचानक ब्रेक लगा दी, जिससे एक हादसा टल गया।

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गुजरात के अमरेली में ट्रेन को पटरी से उतारने की साजिश नाकाम (फोटो-ट्विटर)

अमरेली : गुजरात के अमरेली जिले में रेल पटरी पर पत्थर और सीमेंट के खंभे रखकर एक यात्री ट्रेन को पटरी से उतारने की साजिश को उस समय विफल कर दिया गया, जब लोको पायलट ने आपातकालीन ब्रेक लगा दिया। पुलिस ने बताया कि यह घटना बृहस्पतिवार की शाम को खिजड़िया जंक्शन और चितल रेलवे स्टेशन के बीच उस समय घटी जब भावनगर-पोरबंदर यात्री ट्रेन (59560) खिजड़िया गांव से गुजर रही थी।

चालक की सूझबूझ से टला रेल हादसा

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पायलट ने दूर से पटरियों पर रखी कुछ पत्थरनुमा वस्तुओं को रखा देखा। स्थिति को भांपते हुए उसने सतर्कता के साथ इमरजेंसी ब्रेक का इस्तेमाल किया। जब तक ट्रेन पत्थरों के नजदीक पहुंचती, तब तक रफ्तार काफी धीमी हो गई थी, जिससे कुछ पत्थर इंजन के पहियों से टकराकर पटरियों पर बिखर गए, लेकिन एक बड़ा सिलापट तक पहुंचने से पहले ट्रेन पूरी तरह कंट्रोल में आ गई, जिससे चालक ने राहत की सांस ली। माना जा रहा है कि चालक की सूझबूझ के कारण ही ट्रेन हादसा टल गया। हादसे की सूचना पर फॉरेंसिक और डॉग स्क्वॉड की टीमें मौके पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। सभी सबूतों को इकट्ठा कर आरोपियों को चिन्हिंत करने का प्रयास जारी है।

पटरी पर रखे बोल्डर

इसने बताया कि लोको पायलट ने पटरी पर रखे पत्थर और सीमेंट के खंभे देखे, जो स्पष्ट रूप से दुर्घटना कराने के इरादे से रखे गए थे, और उसने तुरंत ब्रेक लगा दिए, जिससे एक संभावित हादसा टल गया। रेलवे पुलिस और स्थानीय पुलिस की टीम मौके पर पहुंचीं और जांच शुरू की। अमरेली के पुलिस अधीक्षक संजय खरात ने कहा कि एक बड़ी दुर्घटना टल गई है। यह स्थानीय बदमाशों का कृत्य प्रतीत होता है। पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। फिलहाल, स्थानीय लोगों से जानकारी जुटाने का भी प्रयास है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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