उत्तर मुंबई के सांसद एवं केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने शनिवार को कहा कि मुंबई के समुद्री जल को प्रदूषण से मुक्त करने के लिए अपशिष्ट जल शोधन से जुड़ी ₹30,000 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी देकर उनके कॉन्ट्रैक्ट प्रदान किए जा चुके हैं। उन्होंने इसे शहर के पर्यावरण संरक्षण और समुद्री जीवन के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया।
बीएमसी चुनावों से पहले दहिसर पश्चिम स्थित एल.टी. रोड पर आयोजित “जैन संघ संवाद” कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गोयल ने नागरिकों से बड़ी संख्या में मतदान कर महायुति गठबंधन को समर्थन देने और त्रि-इंजन सरकार की निरंतरता बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस व उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की सरकार ने वर्षों से अटकी परियोजनाओं को गति दी है।
गोयल ने बताया कि लगभग तीन दशकों से लंबित सीवेज ट्रीटमेंट परियोजना को अब मंजूरी मिल चुकी है। उन्होंने कहा, “बिना शोधन के समुद्र में छोड़ा गया अपशिष्ट जल न केवल जल को प्रदूषित करता है, बल्कि समुद्री जैव विविधता को भी गंभीर नुकसान पहुंचाता है। यह परियोजना मुंबई को स्वच्छ और हरित बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।”
बीएमसी: स्थानीय शासन की धुरी
नगरपालिका के महत्व को रेखांकित करते हुए गोयल ने कहा कि बीएमसी अंतिम छोर तक नागरिक सुविधाएं पहुंचाने की रीढ़ है। उन्होंने कहा, “नगरसेवक स्थानीय प्रशासन की धुरी होते हैं। मजबूत और जवाबदेह बीएमसी ही सच्ची त्रि-इंजन सरकार को जमीन पर उतार सकती है।”
रडार स्थानांतरण से पुनर्विकास को गति
गोयल ने बताया कि दहिसर से गोराई रडार स्थानांतरण का वर्षों पुराना मुद्दा सुलझ गया है, जिससे कई अटके पुनर्विकास प्रकल्पों के रास्ते की सबसे बड़ी बाधा हट गई है। उन्होंने कहा कि इस पहल से किफायती और गरिमापूर्ण आवास का मार्ग प्रशस्त होगा। इस प्रक्रिया में विधायक मनीषा ताई चौधरी के प्रयासों की उन्होंने सराहना की।
जैन समुदाय और सांस्कृतिक विरासत
16 जनवरी को मनाई जाने वाली मेरु त्रयोदशी का उल्लेख करते हुए गोयल ने कहा कि यह प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव के मोक्ष कल्याणक का स्मरण दिवस है। उन्होंने कहा कि ऋषभदेव की शिक्षाएं-कृषि, वाणिज्य, कौशल, रक्षा, शिल्प और विद्या-आज भी समाज को दिशा देती हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी के “विकास भी, विरासत भी” दृष्टिकोण से इसकी तुलना की।
जैन समुदाय की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए गोयल ने कहा कि जनसंख्या में मात्र 0.5 प्रतिशत हिस्सेदारी के बावजूद कर संग्रह और सामाजिक सेवा में समुदाय का योगदान असाधारण है। उन्होंने पिछले चुनावों में मिले समर्थन के लिए आभार जताया।
‘उत्तम मुंबई महायुति की गारंटी!’
इस दौरान गोयल ने उत्तर मुंबई में चल रही और प्रस्तावित प्रमुख विकास परियोजनाओं का उल्लेख किया। जिनमें शामिल हैं-
- दहिसर में एएआई रडार का स्थानांतरण, जिससे किफायती आवास के लिए भूमि उपलब्ध होगी
- भगवती और शताब्दी अस्पतालों का पुनर्विकास
- 1,000-बिस्तरों वाले दमानी मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल का निर्माण
- नदी पुनर्जीवन परियोजनाएं और नई लिंक रोड्स
- देविपाड़ा अंडरपास से यातायात जाम में राहत
- केशवनगर के पास चॉलों को जल कनेक्शन
- दहिसर (पूर्व) में 1,000 एसआरए घरों का हस्तांतरण
कौशल, रोजगार और इंफ्रास्ट्रक्चर
उन्होंने बताया कि कांदिवली में कौशल विकास केंद्र पूरी तरह संचालित है, जबकि ठाकुर विलेज और बोरिवली के सत्रा पार्क में नए केंद्र शीघ्र शुरू होंगे। उत्तर मुंबई के लिए कौशल विश्वविद्यालय की भी घोषणा की गई है।
इंफ्रास्ट्रक्चर उपलब्धियों में कोस्टल रोड, मेट्रो विस्तार, अटल सेतु, प्रस्तावित बुलेट ट्रेन और हाई-स्पीड रेल परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि भारत अब छोटे लक्ष्य नहीं रखता। हमारा लक्ष्य है कि कोई भी युवा बेरोजगार न रहे। आने वाले वर्षों में देश $30–35 ट्रिलियन की अर्थव्यवस्था बनने की राह पर है।”
नागरिकों से अपील
15 जनवरी को मतदान की अपील करते हुए गोयल ने कहा कि आपका वोट आपकी ताकत है। यह विकास की गति को बनाए रखता है। मुझे पूरा विश्वास है कि मुंबई एक स्वच्छ, हरित और अधिक विकसित शहर के लिए मजबूत जनादेश देगी।”
