पटना

बिहार की सियासत का सितारा, चर्चा में रहने का हुनर...जानिए कौन हैं सम्राट चौधरी, कितनी है नेटवर्थ?

सम्राट चौधरी राज्य के सबसे चर्चित नेताओं में से एक हैं और हालिया वर्षों में बीजेपी में तेजी से उनका उभार हुआ है। सम्राट चौधरी का जन्म 16 नवंबर, 1968 को मुंगेर के लखनपुर गांव में हुआ था। जानिए सम्राट का सियासी सफर...

Samrat Chaudhary Networth

सम्राट चौधरी का सियासी सफर और नेटवर्थ

Samrat Chaudhary: नीतीश कुमार ने गुरुवार 20 नवंबर को 10वीं बार बिहार के सीएम पद की शपथ ली। पटना के गांधी मैदान पर शपथ ग्रहण समारोह, पीएम मोदी सहित कई नेता मंच पर मौजूद थे। नीतीश कुमार के साथ 26 मंत्रियों ने भी शपथ ली। इनमें सबसे प्रमुख नाम रहा सम्राट चौधरी का जो पिछली सरकार में डिप्टी सीएम रहे थे। उन्हें इस बार गृह विभाग जैसा अहम पद दिया गया है। आइए जानते हैं सम्राट चौधरी का अब तक का सियासी सफर और उनकी नेटवर्थ।

1990 में किया राजनीति में प्रवेश

सम्राट चौधरी राज्य के सबसे चर्चित नेताओं में से एक हैं और हालिया वर्षों में बीजेपी में तेजी से उनका उभार हुआ है। सम्राट चौधरी का जन्म 16 नवंबर, 1968 को मुंगेर के लखनपुर गांव में हुआ था। उनके पिता शकुनि चौधरी छह बार विधायक और सांसद रहे, जबकि उनकी मां पार्वती देवी तारापुर निर्वाचन क्षेत्र से विधायक थीं। सम्राट चौधरी ने अपनी प्रारंभिक शिक्षा स्थानीय स्तर पर ही पूरी की और बाद में मदुरै कामराज विश्वविद्यालय से उच्च शिक्षा प्राप्त की। सम्राट चौधरी ने 1990 में सक्रिय राजनीति में प्रवेश किया। मई 1999 में राबड़ी देवी की सरकार के दौरान वे बिहार के कृषि मंत्री बने। वे 2000 और 2010 में परबत्ता विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए। 2010 में वे बिहार विधानसभा में विपक्ष के मुख्य सचेतक बने।

आरजेडी में कराया विभाजन, बीजेपी में हुए शामिल

मूल रूप से आरजेडी और जेडी(यू) से जुड़े सम्राट चौधरी ने 2014 में आरजेडी में विभाजन की योजना बनाई थी, 13 विधायकों को तोड़कर एक अलग गुट बनाया और फिर भाजपा में शामिल हो गए। 2 जून 2014 को वे जीतन राम मांझी मंत्रिमंडल में शहरी विकास एवं आवास मंत्री बने। उन्होंने 1999 में माप-विज्ञान और बागवानी मंत्री के रूप में भी कार्य किया था। मार्च 2023 में, सम्राट चौधरी को संजय जायसवाल की जगह भाजपा बिहार प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया। उन्हें पार्टी के ओबीसी आधार, खासकर कोइरी/कुशवाहा जाति के बीच जनाधार को मजबूत करने के लिए चुना गया था।

नीतीश कुमार के विरोध में पहनी पगड़ी

अपने कार्यकाल के दौरान सम्राट चौधरी ने कथित पक्षपात और सरकारी नीतियों के लिए नीतीश कुमार की खुलकर आलोचना की। उन्होंने नीतीश कुमार को मुख्यमंत्री पद से हटाने की शपथ के रूप में प्रतीकात्मक रूप से पगड़ी भी पहनी। जुलाई 2024 में नीतीश कुमार के भाजपा के नेतृत्व वाले गठबंधन के साथ जुड़ने के बाद उन्होंने पगड़ी उतार दी। जुलाई 2024 में उन्हें प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पद से हटा दिया गया। जनवरी 2024 में सम्राट चौधरी भाजपा विधायक दल के नेता और बिहार के उपमुख्यमंत्री बने। उन्हें वित्त, स्वास्थ्य, शहरी विकास और पंचायती राज जैसे प्रमुख विभाग दिए गए।

सम्राट चौधरी अक्सर लोगों की नजरों में रहे हैं। 2023 में उन्होंने राहुल गांधी की दाढ़ी की तुलना ओसामा बिन लादेन से की थी। उन्होंने कहा था कि राहुल गांधी ओसामा बिन लादेन जैसी दाढ़ी रखते हैं और सोचते हैं कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जैसे बन जाएंगे।

कितनी है नेटवर्थ?

इस बार सम्राट चौधरी ने मुंगेर की तारापुर सीट से चुनाव जीता है। नॉमिनेशन फाइल करते समय उन्होंने अपनी संपत्ति का खुलासा कि जिसके आधार पर उनकी नेटवर्थ करीब 11.34 करोड़ रुपये से ज्यादा है। उनके और उनके परिवार के पास कुल 1,71,550 रुपये की नकदी, जबकि अलग-अलग बैंक अकाउंटमें करीब 27 लाख रुपये जमा हैं। इसके अलावा पति-पत्नी के पास करीब 40 लाख रुपये कीमत का सोना है। शेयर, बॉन्ड और म्यूचुअल फंड में उन्होंने करीब 32 लाख रुपये, जबकि इंश्योरेंस पॉलिसी में 10 लाख रुपये लगाए हैं। सम्राट चौधरी के पीपीएफ खाते में भी 10 लाख रुपये जमा है। उनके ऊपर किसी भी प्रकार की कोई देनदारी नहीं है। सम्राट चौधरी के नाम पर एक बोलेरो नियो कार है, जिसकी कीमत 7 लाख रुपये के आसपास है। अचल संपत्ति पर नजर डालें, तो सम्राट चौधरी के पास मुंगेर के तारापुर, मानिकपुर और खजपुरा में 8 करोड़ रुपये से ज्यादा की खेती और गैर-खेती योग्य जमीन है। पत्नी के नाम पर 50 लाख रुपये की खेती की जमीन है और पटना में 58 लाख रुपये कीमत की कॉमर्शियल बिल्डिंग भी है।

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अमित कुमार मंडल
अमित कुमार मंडल Author

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर... और देखें

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