अयोध्या में राम मंदिर के निर्माण के बाद अब सीतामढ़ी में सीता माता का मंदिर बनाने की तैयारी की जा रही है। इस संबंध में कांस्टिट्यूशन क्लब में रामायण रिसर्च काउंसिल के तत्वावधान में प्रेसवार्ता का आयोजन किया गया। इस वार्ता के दौरान जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी ने मां सीता के मंदिर के लिए आवंटित जमीन के बारे में बताया।
सीता मंदिर के 12 एकड़ जमीन आवंटित
प्रेस वार्ता के दौरान बताया गया कि बिहार राज्य के सीतामढ़ी में धार्मिक न्यास परिषद की ओर से सीता माता मंदिर के लिए 12 एकड़ जमीन आवंटित की गई है।
पीएम मोदी के हाथों होगा भूमि-पूजन संपन्न
जूना अखाड़े के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरी ने बताया कि मंदिर के निर्माण के लिए भूमि-पूजन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों संपन्न होगा। बता दें कि अभी मंदिर के भूमि-पूजन की तिथि तय नहीं की गई है, लेकिन भूमि-पूजन के लिए संत पीएम मोदी से मिलकर निवेदन करने वाले हैं।
तीर्थ स्थल के तौर पर सीतामढ़ी को विकसित करने का प्रयास
कांस्टिट्यूशन क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद ने कहा कि बिहार के सीतामढ़ी को तीर्थ स्थल के तौर पर विकसित करने का सपना जल्द ही साकार होगा। सीता माता के मंदिर से इस सपने को पूरा करने के दिशा में कदम उठाया जा रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि मंदिर परिसर में हनुमान जी की 108 फीट ऊंची प्रतिमा का निर्माण किया जाएगा।
सीता मंदिर के साथ उनके जीवन को दुनिया के बीच लाने की योजना
माता सीता के मंदिर को लेकर स्वामी चिदानंद सरस्वती कहते हैं की माता सीता का जीवन प्रेरणादायी है। वह सीतामढ़ी में केवल एक मंदिर नहीं बना रहे हैं, बल्कि उनके जीवन दर्शन को दुनिया के बीच लाए जाने की कोशिश की जा रही है। इस पर निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर स्वामी चित्प्रकाशानंद गिरि महाराज ने सनातन परिवारों से आह्वान किया कि वह रामायण रिसर्च काउंसिल के साथ जुड़े और मंदिर निर्माण के लिए अपना सहयोग दें।
