पटना

बिहार हिंसा: विधानसभा में हंगामा, मार्शलों ने BJP एमएलए को सदन से निकाला, सासाराम से हिंदू परिवारों का पलायन जारी

  • Written by: आलोक कुमार राव
  • Updated Apr 5, 2023, 01:31 PM IST

Bihar Violence : बिहार में राम नवमी के दिन कई जिलों में हिंसा हुई थी। इस हिंसा में सासाराम सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ था। इसके बाद से सासाराम से हिंदू परिवार लगातार पलायन कर रहे हैं, और आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर एक्शन की मांग कर रहे हैं।

Bihar Violence : रामनवमी के मौके पर बिहार के अलग-अलग जगहों पर हुई हिंसा एवं उपद्रव की घटनाओं को लेकर विधानसभा में बुधवार को जमकर हंगामा हुआ। सदन में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और जनता दल-यूनाइटेड के नेताओं के बीच तीखी बहस और नोक-झोंक हुई। सदन में भाजपा विधायक जीवेश मिश्रा के हंगामे पर मार्शल्स उन्हें सदन से बाहर निकाला। वहीं, बिहार हिंसा को लेकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भाजपा का नाम लिए बगैर उस पर निशाना साधा। नीतीश ने कहा कि यहां जानबूझ कर हिंसा कराई गई।

राम नवमी के दिन कई जिलों में हुई हिंसा

बिहार में राम नवमी के दिन कई जिलों में हिंसा हुई थी। इस हिंसा में सासाराम सबसे ज्यादा प्रभावित हुआ था। इसके बाद से सासाराम से हिंदू परिवार लगातार पलायन कर रहे हैं, और आरोपियों के खिलाफ बुलडोजर एक्शन की मांग कर रहे हैं।

नीतीश बोले-साजिश के तहत कराई गई हिंसा

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक जगह जहां जाना था वहां हंगामा करा दिया। हिंसा का सच सामने आएगा। ये बिहार को बदनाम करने की साजिश है। उन्होंने कहा, राज्य में हर तरफ शांति है। हमारी नजर नालंदा और रोहतास दोनों जगहों पर है। यह प्रशासन की असफलता नहीं है बल्कि इसे साजिश के तहत कराया गया है। हिंसा ग्रस्त बिहार शरीफ में आज फिर से सद्भावना मार्च निकाली गई। इलाके में शांति बनाए रखने को लेकर नेता समेत कई समाजसेवी हुए शामिल। पूरे इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है।

कादिरगंज में बुलडोजर एक्शन की मांग कर रहे लोग

बिहार का सासाराम जिला दंगे की आग में झुलस रहा है। 4 दिनों से शहर के अलग-अलग हिस्सों में पत्थरबाजी और बमबाजी की घटनाएं सामने आई हैं। बिहार की जनता ने अब अपनी ही सरकार को घेरना शुरू कर दिया है। लोगों का कहना है कि अगर बिहार में भी योगी मॉडल लागू कर दिया जाए तो शायद इस तरीके के दंगे ना हो। सबसे अधिक हिंसा प्रभावित इलाके कादिरगंज में टाइम्स नाउ नवभारत की टीम पहुंची। इस दौरान लोगों ने कहा कि अगर दंगाइयों को सबक सिखाना है तो यहां भी बुलडोजर चलना चाहिए। उत्तर प्रदेश की योगी सरकार जिस तरह दंगाइयों के खिलाफ कार्रवाई बिहार में भी होनी चाहिए। लोगों का ये भी आरोप था कि प्रशासन दंगा पीड़ितों के साथ भेदभाव की नीति अपना रहा है।

आलोक कुमार राव
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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