Ram Mandir In Patna: बिहार माता सीता की जन्मभूमि के रूप में जाना जाता है। यहां भगवान राम व माता सीता की स्मृतियों से जुड़े कई फेमस मंदिर हैं। पटना के प्रसिद्ध महावीर मंदिर में प्राचीन रामसेतु का एक पत्थर रखा है जिसकी वजह से ये मंदिर काफी फेमस है। बता दें रामनवमी के दिन यहां अयोध्या की हनुमानगढ़ी के बाद सबसे ज्यादा भीड़ उमड़ती है। साल 1730 में स्वामी बालानंद द्वारा स्थापित यह मंदिर साल 1900 तक रामानंद संप्रदाय के अधीन था। फिर, 1948 में पटना हाइकोर्ट द्वारा सार्वजनिक मंदिर घोषित किए जाने तक इसपर गोसाईं संप्रदाय का अधिकार रहा था।
वर्तमान मंदिर का निर्माण आचार्य किशोर कुणाल के प्रयास से 1983 से 1985 के बीच आरंभ हुआ। इस भव्य मंदिर के गर्भगृह में भगवान हनुमान की मूर्तियां हैं। खास बात ये है कि अन्य मंदिरों से हटकर यहां बजरंग बली की युग्म मूर्तियां एक साथ हैं। एक मूर्ति परित्राणाय साधुनाम् (अर्थात अच्छे लोगों के कारज पूर्ण करने वाली) तो दूसरी विनाशाय च दुष्कृताम्बु (अर्थात बुरे लोगों की बुराई दूर करने वाली) है। यहां 15 किलो का रामसेतु का पानी में तैरता पत्थर कांच के बर्तन में रखा है। इसके अलावा बिहार के अन्य जिलों में भी काफी फेमस भगवान राम के मंदिर है। दरभंगा जिला में एक गांव है- अहियारी। यह अहिल्या स्थान के नाम से भी जाना जाता है। कहा जाता है कि यहां भगवान श्रीराम ने ऋषि विश्वामित्र के कहने पर गौतम ऋषि की पत्नी अहिल्या का उद्धार किया था। इसके निकट हीं भोजपुर स्थान के बारे में मान्यता है कि वहां श्रीराम ने ताड़का वध किया था। इस स्थान पर अहिल्या देवी का मंदिर है। इस मंदिर के परिसर में भगवान श्रीराम, माता सीता व लक्ष्मण के मंदिर भी हैं।
