पटना

राम-जानकी पथ: यूपी-बिहार के दो धार्मिक स्थानों को जोड़ने की मिल गई है हरी झंडी, अयोध्या से सीतामढ़ी के बीच की बनेगी फोरलेन सड़क

केंद्र सरकार ने अयोध्या और सीतामढ़ी के बीच बनने वाले राम-जानकी पथ के एलाइनमेंट को मंजूरी दे दी है। इससे दो राज्यों के दो बड़े धार्मिक स्थलों को जोड़ा जाएगा। लगभग 240 किलोमीटर लंबी ये परियोजना अब हरी झंडी पा चुकी है। इस परियोजना को सरकारें प्राथमिकता दे रही हैं ताकि इसी साल से काम शुरू हो सके और ढाई से तीन वर्षों में राम-जानकी पथ पूरी तरह बनकर तैयार हो जाए।

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सीतामढ़ी से अयोध्या तक बनेगी फोरलेन सड़क (सांकेतिक तस्वीर)

Ram Janki Path: 6 अप्रैल को रामनवमी थी और इसी दौरान केंद्र सरकार की तरफ से बिहार सरकार को एक तोहफा मिला। माता सीता और भगवान राम की जन्मस्थली को जोड़ने वाली फोरलेन सड़क के एलाइनमेंट को मंजूरी मिल गई है। इस सड़क का नाम राम-जानकी पथ होगा। 240 किलोमीटर लंबी परियोजना की लागत लगभग 6155 करोड़ रुपये आएगी। धार्मिक और सांस्कृतिक रूप से महत्वपूर्ण इस परियोजना के पूरा होने से अयोध्या से सीतामढ़ी का सीधा जुड़ाव हो जाएगा।

एलाइंमेंट के लिए मिल गई है हरी झंडी

प्रमुख तीर्थ स्थान माता सीता की जन्मस्थली सीतामढ़ी को भगवान राम की जन्मस्थली अयोध्या से जोड़ने के लिए राम-जानकी पथ परियोजना के एलाइंनमेंट को मंजूरी दी जा चुकी है। यह फोर लेन सड़क परियोजना धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है। केंद्रीय सड़क एवं परिवहन राजमार्ग मंत्रालय की एलाइनमेंट अप्रूवल कमेटी ने हाल ही में इस परियोजना को आंशिक संशोधन के साथ मंजूरी दी। अयोध्या से सीतामढ़ी को जोड़ने के लिए केंद्र सरकार ने पहले ही फोर लेन सड़क बनाने का निर्णय लिया था। इसके तहत कमेटी के सचिव वी उमाशंकर की अध्यक्षता में बैठक हुई। इस बैठक में बिहार के पथ निर्माण विभाग के अपर मुख्य सचिव मिहिर कुमार सिंह भी शामिल थे।

240 किलोमीटर लंबी है परियोजना

परियोजना के तहत इस फोरलेन सड़क का निर्माण कार्य उत्तर प्रदेश-बिहार बॉर्डर के पास मेहरौना घाट से शुरू होगा। जो सिवान, सारण, पूर्वी चंपारण, शिवहर होते हुए सीतामढ़ी के भिट्ठा मोड़ तक जाएगा। सड़क की कुल लंबाई 240 किलोमीटर होगी और चौड़ाई 70 मीटर होगी। इस परियोजना की कुल अनुमानित लागत करीब 6155 करोड़ रुपये का आंकी गई है।

फिलहाल, राम-जानकी पथ परियोजना में 40 किलोमीटर के दूरी वाले मेहरौना से सीवान का टेंडर हो चुका है। इसके निर्माण पर लगभग 1254 करोड़ खर्च होंगे। मेहरौना से सीवान और सीवान से मशरख तक के हिस्से का भी टेंडर जारी हो चुका है। जल्द ही जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होगा और मशरख से चकिया और चकिया से भिट्ठा मोड़ के एलाइनमेंट को भी मंजूरी मिल जाने के बाद अब बारी जमीन अधिग्रहण की है, जिसकी प्रक्रिया जल्द शुरू होगी। मशरख से चकिया की दूरी 48 किलोमीटर है जिसके निर्माण में लगभग 1450 करोड़ लागत आएगी। वहीं चकिया से शिवहर-सीतामढ़ी-भिठ्ठा मोड़ की दूरी 103 किलोमीटर है। इसके निर्माण पर 2100 करोड़ खर्च होने का अनुमान है।

कब तक बनेगा राम-जानकी पथ

राम-जानकी पथ बिहार की महत्वपूर्ण सड़क परियोजनाओं में से एक है। इस सड़क के बनने से अयोध्या से सीतामढ़ी का सीधा जुड़ाव हो जाएगा। राज्य सरकार की ओर से हर तरह की सहायता देने की तैयारी है। अयोध्या और सीतामढ़ी के बीच धार्मिक और सांस्कृतिक संबंध और मजबूत करने, साथ ही इलाके का विकास में तेजी लाने के लिए फिलहाल केंद्र और राज्य की सरकारें राम-जानकी पथ परियोजना को प्राथमिकता दे रही हैं। सरकार का लक्ष्य है कि इस साल काम शुरू हो जाए और ढाई से तीन साल में यह पथ बनकर तैयार हो जाए।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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