पटना

Patna में BPSC अभ्यर्थियों पर लाठीचार्ज, छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा; कई हिरासत में

Patna BPSC Protest : बिहार की राजधानी पटना में बुधवार को BPSC अभ्यर्थियों पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिल ने जमकर लाठियां बरसाई हैं।

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पटना में बीपीएससी अभ्यर्थियों का प्रदर्शन

Patna BPSC Student Protest : बिहार की राजधानी पटना में बुधवार को BPSC अभ्यर्थियों पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिल ने जमकर लाठियां बरसाई हैं। आरोप है कि पुलिस ने दौड़ा-दौड़ाकर पिटाई की है। ऐसे में छात्रों में भारी आक्रोश देखने को मिल रहा है।

दरअसल, बिहार में टीआरई-4 (BPSC TRE-4) शिक्षक भर्ती परीक्षा की अधिसूचना में देरी के विरोध में प्रदर्शन कर रहे कई अभ्यर्थियों को बुधवार को पटना पुलिस ने हिरासत में ले लिया। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों (Patna BPSC Student Protest)को पटना कॉलेज और बिहटा के पास रोककर हिरासत में लिया गया, जबकि वे अशोक राजपथ से डाकबंगला चौराहा तक मार्च निकालने की तैयारी कर रहे थे।

पटना के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्तिकेय शर्मा ने कहा कि प्रदर्शन केवल गर्दनीबाग में ही आयोजित किए जा सकते हैं और सुरक्षा के मद्देनजर संवेदनशील क्षेत्रों में बल तैनात किया गया है।

5,000 अज्ञात अभ्यर्थियों के खिलाफ मामला दर्ज

पिछले सप्ताह हुए प्रदर्शन में पुलिस ने लगभग 5,000 अज्ञात अभ्यर्थियों के खिलाफ मामला दर्ज किया था और चार लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोप था कि प्रदर्शनकारियों ने यातायात बाधित किया, बैरिकेड तोड़े और पुलिस के साथ दुर्व्यवहार किया।

टीआरई-4 के जरिए 1.20 लाख से अधिक अभ्यर्थियों को शिक्षक बनने का अवसर मिलेगा। बिहार लोक सेवा आयोग (बीपीएससी) यह परीक्षा प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए आयोजित करेगा।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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