बिहार सरकार की सबसे बड़ी बिजली घर परियोजना को बिहार विद्युत विनियामक आयोग ने मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही अब भागलपुर के पीरपैंती में बिजली घर के निर्माण का रास्ता साफ हो गया है। आयोग ने कल यानी बुधवार 27 अगस्त को बिहार स्टेट पावर जेनरेशन कंपनी लिमिटेड की याचिका पर सुनवाई करते हुए पीरपैंती से बिजली खरीदने की सहमति दी।
इस बिजली घर से बिहार को 6.075 रुपये प्रति यूनिट की दर से बिजली मिलेगी। यह परियोजना 800 मेगावाट की तीन इकाइयों (कुल 2400 मेगावाट) वाली होगी, जिसका निर्माण अदाणी पावर लिमिटेड द्वारा किया जाएगा। केंद्रीय विद्युत अधिनियम के अनुसार, बिजली घर के निर्माण और बिजली की खरीद के लिए विनियामक आयोग की अनुमति आवश्यक है, जिसके तहत बिजली कंपनी ने आयोग के समक्ष याचिका दायर की थी।
आयोग के अध्यक्ष आमिर सुबहानी, सदस्य अरुण कुमार सिन्हा और पीएस यादव ने इस परियोजना को मंजूरी दी, जो भविष्य में बिहार में बिजली की खपत को पूरा करने में सहायक होगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 15 सितंबर को पूर्णिया दौरे के दौरान पीरपैंती बिजली घर का शिलान्यास करने की संभावना है।
बिजली कंपनी जल्द ही इस परियोजना के शिलान्यास के लिए प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजने की योजना बना रही है। बिहार के ऊर्जा, योजना एवं विकास मंत्री बिजेन्द्र प्रसाद यादव ने इसे बिहार सरकार की सबसे बड़ी परियोजना बताया, जो राज्य की बिजली जरूरतों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
