पटना

इकलौते गांधी मैदान के भरोसे नहीं रहेगा पटना, बनेंगे पांच और बड़े पार्क; जमीन की तलाश शुरू

पटना में कोई भी बड़ा आयोजन करना हो तो पहली जगह गांधी मैदान ही सूझती है। इसी वजह से गांधी मैदान पर काफी प्रेशर रहता है। किसी कन्सर्ट से लेकर बड़े राजनीतिक रैलियों तक सारे आयोजनों का भार इसी मैदान को उठाना पड़ता है। इसको लेकर बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने एक बैठक में कहा कि मरीन ड्राइव क्षेत्र में अब 5 बड़े पार्क बनेंगे, जिससे गांधी मैदान पर पड़ने वाला लोड कम होगा।

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गांधी मैदान के मिलेंगे विकल्प

Photo : Twitter

Patna News: पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान कभी गोल्फ कोर्स हुआ करता था। बाद में ये गांधी से लेकर जेपी तक के भाषणों का साक्षी रहा और इसके साथ कई आंदोलनों की शुरुआत का गवाह रहा। आजादी के पहले से लेकर आज तक पटना के सारे बड़े आयोजनों को संभालने वाले इस ऐतिहासिक मैदान पर कार्यक्रमों, रैलियों आदि का खूब दबाव रहता है। लेकिन अब इसके दबाव को बांटने की कवायद शुरू हुई है।

पटना में बनेंगे 5 बड़े मैदान

पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान के दबाव को कम करने के लिए मरीन ड्राइव क्षेत्र में पांच बड़े मैदान बनाए जाएंगे। इस बात की जानकारी बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने दी। उन्होंने मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को इस प्रोजेक्ट की संभावनाओं को तलाशने के निर्देश दिए।

मिलेगा गांधी मैदान का विकल्प

बुधवार को मुख्यमंत्री समग्र शहरी विकास योजना की जिला संचालन समिति की समीक्षा बैठक में राज्य के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि पटना में गांधी मैदान का लोड कम करने के लिए जेपी गंगा पथ क्षेत्र में पांच बड़े पार्क विकसित किये जाएंगे। इन मैदानों में सुबह की सैर के साथ खेल, सांस्कृतिक और राजनीतिक गतिविधियां भी आयोजित की जा सकेंगी। उन्होंने ये भी कहा कि पटना में तेज विकास के साथ नए मैदान विकसित करने की जरूरत है, ताकि लोगों को गांधी मैदान का विकल्प मिल सके।

योजनाओं के दोहराव से बचने की हिदायत

पटना जिला के विधायकों और वरिष्ठ अधिकारियों की इस समीक्षा बैठक में उपमुख्यमंत्री ने इस बात पर भी जोर दिया कि सड़क, भवन निर्माण या विकास की किसी योजना को लागू करने में दोहराव से बचा जाना चाहिए। एक ही काम को दो एजेंसियों से या बार-बार कराने से संसाधन और समय की बर्बादी होती है। विभागों के बीच बेहतर तालमेल करके बहुत कुछ बचाया जा सकता है। दोहराव से बचने के लिए उन्होंने ये निर्देश भी दिए कि नगर निकाय उस परियोजना को अपने प्लान में शामिल न करे जिसकी सिफारिश कोई विधायक पहले से कर चुका है।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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