पटना

Bihar: मोतिहारी में मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़, दो तस्कर गिरफ्तार; हथियार बनाने की मशीनें बरामद

मोतिहारी पुलिस ने पूर्वी चंपारण के देवापुर गांव में अवैध मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इसमें दो हथियार तस्कर गिरफ्तार हुए, जिनके पास से हथियार बनाने की मशीनें, कल-पुर्जे और फर्जी दस्तावेज बनाने के उपकरण बरामद हुए हैं।

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बरामद औजारों के साथ गिरफ्तार आरोपी

Photo : Times Now Digital

Motihari Gun Factory Busted: बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में मोतिहारी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने पचपकरी थाना क्षेत्र के देवापुर गांव में छापेमारी कर एक अवैध मिनी गन फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया है। इस दौरान पुलिस ने दो हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया और भारी मात्रा में हथियार बनाने की मशीनें, कल-पुर्जे और नकली दस्तावेज तैयार करने के उपकरण बरामद किए हैं।

खुफिया सूचना के आधार पर कार्रवाई

मोतिहारी पुलिस को सूचना मिली थी कि देवापुर गांव में अवैध हथियार निर्माण और मरम्मत का कार्य चल रहा है। इस सूचना के बाद मोतिहारी के पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर डीएसपी के नेतृत्व में पचपकरी थाना पुलिस की टीम गठित की गई। इसके बाद देवापुर वार्ड नंबर 15 में छापेमारी की गई।

गिरफ्तार आरोपी और बरामद सामान

छापेमारी के दौरान आरोपी प्रकाश साहनी और विकास साहनी को गिरफ्तार किया गया। इनके घर से अवैध हथियार बनाने की मशीनें, लोहे का शिकंजा, कटर मशीन, छेनी, हथौड़ी, कई हथियारों के कल-पुर्जे और फर्जी दस्तावेज तैयार करने की आईरिस मशीन, आधार कार्ड फिंगरप्रिंट मशीन और रबर की मोहर आदि जब्त की गईं। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी न केवल हथियार बनाते थे बल्कि उन्हें मरम्मत कर बेचने का कार्य भी करते थे। इसके साथ ही फर्जी पहचान पत्र बनाकर अवैध गतिविधियों को अंजाम देते थे।

हथियार तस्करी पर लगाम की कोशिश

इस कार्रवाई से मोतिहारी और आसपास के इलाकों में सक्रिय अवैध हथियार तस्करों के नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है। पुलिस का कहना है कि इस मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की भी पहचान की जा रही है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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