Bihar Election 2025: बिहार में इसी साल चुनावी गर्मी अब तेजी पकड़ते दिख रही है। पूर्व केंद्रीय मंत्री RCP सिंह ने रविवार को जन सुराज पार्टी का दामन थाम लिया। इसके साथ-साथ अपनी पार्टी आप सबकी आवाज (आसा) का विलय भी प्रशांत किशोर की पार्टी में करा दिया। इसके बाद से ही बिहार में बयानबाजियों का दौर शुरू हो गया है। अब इसपर केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि बिहार को विषाक्त करने के मकसद से कीटाणु और विषाणु एक साथ आए हैं।
दोनों को कहा विषाणु-किटाणु
बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी ने प्रशांत किशोर और RCP सिंह को कीटाणु और विषाणु बताते हुए कहा कि ये दोनों बिहार को विषाक्त करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि बिहार की जनता के पास एक एंटीवायरस है, जिसका नाम NDA है, जो किसी भी विषाणु से निपटने में सक्षम है। इसके साथ ही मांझी ने प्रशांत किशोर और RCP सिंह को राजनीतिक रूप से असफल नेता भी बताया। आगे उन्होंने कहा कि ये दोनों मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ काम कर चुके हैं। ये दोनों वहां टिककर नहीं रह पाए तो इसकी सबसे बड़ी वजह ये रही कि दोनों का व्यक्तिगत स्वार्थ सबसे ऊपर रहा।
चुनाव के लिहाज से महत्वपूर्ण
दूसरी तरफ, प्रशांत किशोर और RCP सिंह के इस गठजोड़ को बड़े राजनीतिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। RCP सिंह ने कहा कि उन्होंने पहले भी प्रशांत किशोर के साथ मिलकर काम किया है और भविष्य में भी करेंगे। उन्होंने कहा कि भले ही वर्तमान में उन्हें तीसरे नंबर पर आंका जा रहा हो, लेकिन अंतिम परिणाम में वे पहले स्थान पर होंगे। प्रशांत किशोर ने भी RCP सिंह का पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि बिहार की व्यवस्था में बदलाव की मुहिम में वे साथ हैं। यह गठजोड़ बिहार की राजनीति में नए समीकरणों को जन्म दे सकता है और आगामी चुनावों में इसका प्रभाव महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
