Saran News: शराबबंदी वाले बिहार में एक बार फिर कानून की खुली चुनौती देखने को मिली है। सारण जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के FCI गोदाम में शराब पार्टी का भंडाफोड़ हुआ है, जहां एक केंद्रीय अधिकारी सहायक महाप्रबंधक समेत पांच लोग शराब की पार्टी करते हुए गिरफ्तार किए गए हैं। पुलिस ने मौके से शराब की बोतलें और खाने-पीने की सामग्री बरामद की है।
गोदाम में कर रहे थे पार्टी
सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने रविवार देर रात FCI गोदाम में छापेमारी की। पुलिस के पहुंचते ही वहां अफरातफरी मच गई और कई लोग भाग निकले, लेकिन सहायक महाप्रबंधक सहित पांच आरोपियों को पकड़ लिया गया। सभी को छपरा सदर अस्पताल ले जाकर जांच की गई, जिसमें उनकी शराब पीने की पुष्टि हुई।
FIR दर्ज, न्यायालय में पेशी
मुफस्सिल थाना पुलिस ने उत्पाद नीति के तहत FIR दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। सभी आरोपियों को कोर्ट में पेश किया जा रहा है, जहां से आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि वे शराब सेवन या इसके किसी भी अवैध कृत्य में शामिल न हों और ऐसी गतिविधियों की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
2016 से लागू है पूर्ण शराबबंदी
बिहार में वर्ष 2016 से मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा पूर्ण शराबबंदी कानून लागू है। इसके तहत राज्य में शराब के उत्पादन, विक्रय और सेवन पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगाया गया है। हालांकि, कई बार यह देखा गया है कि दुकानों की बंदी के बाद भी होम डिलीवरी और अवैध माध्यम से शराब उपलब्ध कराई जा रही है।
शराबबंदी के बावजूद बढ़ा अवैध कारोबार
शराबबंदी के बावजूद नकली और मिलावटी शराब का कारोबार लगातार बढ़ रहा है। राज्य में लाखों लीटर अवैध शराब जब्त कर नष्ट की जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद इस अवैध कारोबार पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पाया है। इस घटना ने फिर से यह सवाल उठाया है कि बिहार में शराबबंदी कानून को पूरी तरह प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन को और कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।
