पटना

Bihar Pool Collapse: क्या बिहार में गिर गया एक और पुल? तेजस्वी के दावा, जानिए क्या है सच

Bihar Pool Collapse: बिहार के कई जिलों में पुलों के गिरने के बाद से नीतीश सरकार विपक्ष के निशाने पर है। तेजस्वी यादव ने इस मामले पर एक बार फिर से एक नया दावा किया है।

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बिहार में एक और पुल गिरा (फाइल फोटो)

KEY HIGHLIGHTS
  • बिहार के पूर्वी चंपारण में गिरा पुल
  • हाल के दिनों में गिर चुके हैं कई पुल
  • सवालों के घेरे में है नीतीश सरकार

Bihar Pool Collapse: बिहार में पिछले कुछ दिनों में कई पुल गिर चुके हैं। अब राजद नेता तेजस्वी यादव ने एक और पुल के गिरने का दावा किया है। तेजस्वी यादव के इस दावे के बाद बिहार में हड़कंप मच गया और अधिकारी सफाई देने के लिए मैदान में उतर गए।

तेजस्वी यादव ने दागे सवाल

तेजस्वी यादव ने ट्वीट कर कहा- बिहार में आज फिर एक पुल का गिरना तथा बीते 𝟏𝟗 दिन में कुल 𝟏𝟑 पुलों का पानी में बह जाना नीतीश सरकार में फैले संस्थागत भ्रष्टाचार का प्रत्यक्ष दृष्टांत है। हम मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को चुनौती देते है कि वो बिहारवासियों को बताएं की:-

  1. गिरने वाले पुलों की स्वीकृति कब हुई और किसने दी?
  2. गिरने वाले पुलों का टेंडर कब, किसके कार्यकाल में हुआ?
  3. गिरने वाले पुलों का शिलान्यास कब और किसने किया?
  4. गिरने वाले पुलों का उद्घाटन कब और किसने किया?
  5. महज 𝟏𝟗 दिन में 𝟏𝟑 पुलों के गिरने से जनता की कुल कितनी गाढ़ी कमाई पानी में बह गयी?

सरकार की ओर से क्या कहा गया

पूर्वी चंपारण के जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल ने कहा कि उन्हें घटना की जानकारी है और उन्होंने जोर देकर कहा कि "यह पुल नहीं था, न ही कोई पुलिया थी"। जिलाधिकारी ने फोन पर पीटीआई को बताया- "लोहरगवां गांव से सीवेज लाइन गुजरती है। इसका कुछ हिस्सा खुला हुआ था। हमारे पास मौजूद जानकारी के अनुसार, कुछ साल पहले पंचायत स्तर पर यह निर्णय लिया गया था कि नाले के ऊपर एक संरचना बनाई जाए, ताकि लोग बिना किसी परेशानी के इसे पार कर सकें। नाले को अस्थायी संरचना से ढक दिया गया, जो कुछ फुट से अधिक लंबी नहीं थी। इस तरह के अनियमित कार्यों के मामले में, बहुत अधिक मिट्टी का इस्तेमाल किया गया और इसलिए भारी बारिश के कारण यह बह गई। फिर भी, हम मामले की जांच कर रहे हैं और अपने स्तर पर जो भी आवश्यक होगा, करेंगे।"

गिर चुके हैं कई पुल

पिछले कुछ हफ्तों में बिहार के कई जिलों में एक दर्जन से अधिक पुलों के ढहने के कारण अधिकारियों ने कम से कम 15 इंजीनियरों को निलंबित कर दिया है। बिहार में ढहे पुलों में 23 जून को पूर्वी चंपारण जिले के घोड़ासाहन प्रखंड क्षेत्र में और 26 जून को मधुबनी जिले में निर्माणाधीन एक-एक पुल तथा 18 जून को अररिया जिले के परारिया गांव में बकरा नदी पर नवनिर्मित एक पुल भी शामिल है।

Shishupal Kumar
शिशुपाल कुमारauthor

शिशुपाल कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क में कार्यरत एक अनुभवी पत्रकार हैं, जिन्हें 13 वर्षों का अनुभव हासिल है। राजनीतिक, अंतरराष्ट्रीय और क्राइम रिपोर्टिंग में गहरी रुचि और मजबूत पकड़ के साथ वे समाचारों की बारीकियों को समझने और उन्हें प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करने के लिए जाने जाते हैं। शिशुपाल ने अपने करियर की शुरुआत एक इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिस्ट के रूप में की, जहां उन्होंने प्रोडक्शन से लेकर ग्राउंड रिपोर्टिंग तक पत्रकारिता के कई महत्वपूर्ण पहलुओं में काम किया। फील्ड रिपोर्टिंग और डेस्क दोनों स्तरों पर उनकी दक्षता है। अब तक शिशुपाल कुमार 15,000 से अधिक खबरें प्रकाशित कर चुके हैं। वह ब्रेकिंग न्यूज, रियल-टाइम कवरेज, डेटा-आधारित विश्लेषण और एक्सप्लेनर लिखने में खास महारत रखते हैं। उनकी स्टोरीज तथ्यों की सटीकता और सहज भाषा की वजह से पाठकों पर मजबूत प्रभाव छोड़ती हैं।

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