अघोरिया बाजार से नीम चौक तक अतिक्रमण पर चला बुलडोजर
Muzaffarpur News: बिहार में नई सरकार के गठन के साथ ही प्रशासनिक सख्ती भी तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही है। इसी क्रम में मंगलवार को मुजफ्फरपुर में जिला प्रशासन ने बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की। अघोरिया बाजार से लेकर नीम चौक तक नगर निगम, ट्रैफिक पुलिस और प्रशासन की संयुक्त टीम ने अभियान चलाया, जिसके दौरान सड़क किनारे बनी कई दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया।
अभियान की कमान SDM ईस्ट तुषार कुमार और नगर विधायक रंजन कुमार ने खुद संभाली। पुलिस बल की भारी तैनाती के बीच मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में चाय-नाश्ते की दुकानें, फल-सब्जी की ठेलियां, मछली मंडी और कई अन्य अस्थायी-स्थायी अतिक्रमणों को हटाया गया। खासकर नीम चौक के पास स्थित मछली मंडी में बुलडोजर की कार्रवाई सबसे अधिक प्रभावी रही, जहां कई दुकानों को मौके पर ही तोड़ दिया गया। कार्रवाई शुरू होते ही कई दुकानदार अपना सामान समेटते नजर आए, जबकि कुछ ने प्रशासन से गुहार भी लगाई, लेकिन अधिकारियों ने साफ कर दिया कि सड़क पर कब्जे को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अभियान के चलते पूरे क्षेत्र में अफरा–तफरी का माहौल बना रहा और लोगों की भीड़ सड़क किनारे इकट्ठा हो गई। नगर विधायक रंजन कुमार ने कहा कि अतिक्रमण हटाने का मकसद लोगों को जागरूक करना है। उन्होंने कहा कि यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए जरूरी है कि लोग लेफ्ट साइड से चलें और सड़क को अवरुद्ध न करें, ताकि जाम की स्थिति न पैदा हो।
पूरा मामला बताते हुए SDM ईस्ट तुषार कुमार ने कहा कि सड़क किनारे अतिक्रमण न केवल ट्रैफिक को बाधित करता है बल्कि आम लोगों की आवाजाही को भी प्रभावित करता है। उन्होंने कहा कि अभियान आगे भी जारी रहेगा और सभी स्थायी कब्जाधारियों को नोटिस देकर कार्रवाई की जाएगी। अस्थायी दुकानदारों को नियमित रूप से माइकिंग कर सूचना दी जाती है ताकि उन्हें हटने का पर्याप्त समय मिल सके।
उन्होंने यह भी बताया कि प्रशासन, नगर निगम और ट्रैफिक विभाग मिलकर एक नई ट्रैफिक योजना पर काम कर रहे हैं। सबसे पहले भीड़ वाले चौक-चौराहों को खाली कराने पर जोर दिया जाएगा। फुटपाथ की सीमा तय करने के लिए सड़क किनारे पीली पट्टी बनाई जाएगी, ताकि दुकानदार उस से आगे न बढ़ सकें। इसके साथ ही एकतरफा और दोतरफा यातायात व्यवस्था में आवश्यक बदलावों पर भी विचार किया जा रहा है। ऑटो के मार्ग तय करने और कलर कोडिंग सिस्टम लागू करने पर भी मंथन जारी है, जिससे शहर की ट्रैफिक समस्या को स्थायी तौर पर कम किया जा सके। प्रशासन के इस अचानक अभियान ने जहां लोगों में जागरूकता बढ़ाई है, वहीं कई दुकानदारों में डर भी देखा जा रहा है। लेकिन अधिकारियों का कहना है कि शहर की सड़कें तभी सुचारु रूप से चल सकती हैं जब सभी लोग अपनी जिम्मेदारी समझें और अतिक्रमण से बचें।