पटना

Bihar News: गरीब परिवारों के 'आर्थिक विकास' के लिए 'बिहार लघु उद्यमी योजना', राज्य के युवा बनेंगे स्वावलंबी

Bihar Small Entrepreneur Scheme: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार (CM Nitish Kumar) ने बिहार की सत्ता संभालने के बाद से ही हर क्षेत्र में बिहार के विकास के लिए काम करना शुरू कर दिया और इसके सार्थक परिणाम भी सामने आ रहे हैं।

Image

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कर रहे विकास के तमाम कार्य

Bihar Small Entrepreneur Scheme: बिहार सरकार लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में कई योजनाएं चला रही है, जैसे मुख्यमंत्री अति पिछड़ा उद्यमी योजना, जीविका समूहों का गठन करके राज्य में जीविका को बढ़ावा देना और समूह को बढ़ाना। उद्योग विभाग द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इन योजनाओं को चलाने के पीछे मक़सद यह है कि अधिक-से-अधिक लोग रोजगार से जुड़ें एवं उनकी आर्थिक स्थिति में बेहतरी आए, क्योंकि लोगों की आर्थिक स्थिति जितनी अच्छी होगी, राज्य उतना ही विकास के पथ पर अग्रसर होगा।

गौर हो कि बिहार में आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की मदद के लिए राज्य में रहने वाले लोगों की वित्तीय स्थिति का पता लगाने के लिए जाति और आर्थिक गणना भी की गई, जिसमें कुल 2 करोड़ 96 लाख परिवारों के आर्थिक सर्वेक्षण के बाद पता चला कि राज्य में 94 लाख से ज्यादा परिवार ऐसे हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं और उन्हें आर्थिक मदद की जरूरत है। बिहार सरकार द्वारा ऐसे सभी परिवारों को मुख्यमंत्री लघु उद्यमी योजना के तहत अपना खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए 2-2 लाख रुपये की सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया गया है। बिहार सरकार ने समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की मदद के लिए 'बिहार लघु उद्यमी योजना' शुरू की है। इस योजना को शुरू करने के लिए वित्तीय वर्ष 2023-24 में 250 करोड़ रुपये और वित्तीय वर्ष 2024-25 में 1000 करोड़ रुपये का प्रतीकात्मक बजट निर्धारित किया गया है।

मुख्यमंत्री लघु उद्यमी योजना शुरू होने से गरीब परिवारों को छोटा-मोटा व्यवसाय कर रोजगार से जुड़ने का मौका मिलेगा और उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार होगा। मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत जिन लोगों को (एससी, एसटी, अति पिछड़ा वर्ग, महिलाएं, युवा, अल्पसंख्यक) लाभ मिला है वे मुख्यमंत्री लघु उद्यमी योजना के पात्र नहीं होंगे एवं उन दोनों योजनाओं में से एक ही योजना का लाभ ले सकेंगे।

यह राशि तीन किस्तों में दी जाएगी

मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को स्वरोजगार हेतु अधिकतम 2,00,000 (दो लाख रुपये) की धनराशि अनुदान के रूप में दी जायेगी। यह राशि तीन किस्तों में दी जाएगी, पहली किस्त में योजना लागत का 25%, दूसरी किस्त में योजना लागत का 50% और तीसरी किस्त में योजना लागत का शेष 25% भुगतान किया जाएगा। प्रत्येक किस्त का पूर्ण उपयोग होने के बाद ही अगली किस्त का वितरण किया जाएगा। पहली किस्त का उपयोग लाभार्थियों द्वारा टूलकिट खरीदने के लिए किया जाएगा। जिला स्तर पर परियोजना की निगरानी के लिए एक अनुश्रवण समिति का गठन कि जाएगी, जिसकी अध्यक्षता जिला अधिकारी करेंगे सभी लाभार्थियों को योजना के लिए अनुश्रवण समिति (PMA) द्वारा प्रशिक्षित किया जाएगा। इस समिति का कार्य योजना को नियमित रूप से चलाना तथा योजना के कार्यान्वयन की निगरानी करना तथा योजना में आने वाली किसी भी समस्या को दूर करना है। इस योजना से सहायता हेतु प्रति इकाई 5% व्यय किया जायेगा यदि भविष्य में इस योजना में कोई समस्या आती है तो अनुश्रवण समिति द्वारा आवश्यक निर्देश दिये जायेंगे।

वर्ष 2023-24 और 2024-25 में कुल 1,250 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं

इस परियोजना के कार्यान्वयन के लिए क्रमशः वर्ष 2023-24 और 2024-25 में कुल 1,250 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। हालाँकि, राज्य के सभी गरीब परिवारों को आर्थिक रूप से लाभान्वित करने के लिए अतिरिक्त बजट राज्य सरकार की मंजूरी से प्रतिबद्ध होगा।

राज्य में बेरोजगारी की दर को कम करने के उद्देश्य से यह योजना लागू

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की पहल पर आर्थिक रूप से गरीब परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान कर उन्हें स्वरोजगार से जोड़ने तथा राज्य में बेरोजगारी की दर को कम करने के उद्देश्य से यह योजना लागू की गई है। यह गरीबों को रोजगार उपलब्ध कराने की एक अभिनव परियोजना है, इससे लोगों को रोजगार मिलेगा और उनकी खुद की आय बढ़ेगी साथ ही दूसरों को भी रोजगार से जोड़ा जा सकेगा और बिहार नौकरी मांगने वाला नहीं बल्कि नौकरी देने वाला राज्य बनेगा। अधिक से अधिक लोग व्यवसाय कर इस लक्ष्य को प्राप्त करेंगे। साथ ही आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को रोजगार से जोड़कर राज्य के विकास का सरकार का लक्ष्य पूरा किया जायेगा।

Ravi Vaish
रवि वैश्यauthor

रवि वैश्य टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल के न्यूज डेस्क पर कार्यरत एक सीनियर जर्नलिस्ट हैं, जिन्हें पत्रकारिता में 20 वर्षों का व्यापक अनुभव हासिल है। खबरों की बारीकियों को समझने और तेजी से प्रस्तुत करने में उनकी विशेष दक्षता है। टीवी पत्रकारिता में रिपोर्टिंग और डेस्क—दोनों क्षेत्रों में अनुभव होने के कारण वे समाचारों को बहुआयामी दृष्टिकोण से देखते हैं। देश–दुनिया की ताजातरीन अपडेट्स, ब्रेकिंग न्यूज, एक्सप्लेनर और विशेष स्टोरीज तैयार करने में वे सिद्धहस्त हैं। उनकी प्राथमिकता हमेशा यही रही है कि हर खबर तेज, सटीक और जानकारीपूर्ण रूप में पाठकों तक पहुंचे। रवि वैश्य अब तक 22,000 से अधिक खबरें लिख चुके हैं, जिनमें कई एक्सक्लूसिव रिपोर्ट्स, इंटरव्यू, ग्राउंड रिपोर्ट्स, विश्लेषण और एक्सप्लेनर शामिल हैं।

और पढ़ें
End of Article