पटना

गयाजी में बड़ा हादसा, रील बनाने के चक्कर में 9 लड़के डूबे; 5 की मौत

बिहार के गयाजी में केनी पुल के समीप रील बनाने के चक्कर में 9 लड़के नदी में डूब गए, जिसमें से 5 की मौत हो गई।

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गया जी डूबे छात्र (फोटो-Istock)

बिहार के गयाजी में गुरुवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां खिजरसराय थाना क्षेत्र के केनी पुल के समीप रील बनाने के चक्कर में 9 लड़के नदी में डूब गए। जानकारी के मुताबिक, ये सभी नदी के किनारे रील बनाने का प्रयास कर रहे थे। इसी दौरान गहरे पानी में चले गए। खुद को डूबता देख ये लोग चिल्लाने लगे। आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े।

जानकारी के मुताबिक, ये सभी लड़के स्कूल से लौट रहे थे। इसी दौरान वीडियो बनाने के लिए नदी के किनारे चले गए। लोगों ने बताया कि इनमें से कुछ लड़के 11वीं कक्षा के हैं तो कुछ 12वीं के हैं। ये सभी नदी के किनारे रील बना रहे थे। इसी दौरान गहरे पानी में चले गए, खुद को डूबता देख ये लोग चिल्लाने लगे, आवाज सुनकर आसपास के लोग दौड़ पड़े। काफी मशक्कत के बाद सबको किसी तरह बाहर निकाला गया। आनन-फानन में इन्हें बेलागंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा गया,यहां से प्राथमिक उपचार के बाद दो लड़कों को बेहतर इलाज के लिए अनुग्रह नारायण मगध मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजा गया।

वहीं सात लड़कों को बेलागंज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में ही भर्ती किया गया जिनमें से पांच की मौत हो गई,दो का इलाज हो रहा है। घटना के बाद परिजनों को पता चला तो गांव में मातम पसर गया। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। बताया जा रहा है कि ये सभी लड़के स्कूल से लौट रहे थे। इसी दौरान वीडियो बनाने के लिए नदी के किनारे चले गए और यह बड़ा हादसा हो गया। लोगों ने बताया कि इनमें से कुछ लड़के 11वीं कक्षा के हैं तो कुछ 12वीं के हैं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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