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Delhi News: दिल्ली में 1 महीने के लिए बढ़ाई गई अर्धसैनिक बलों की तैनाती, खुफिया इनपुट के बाद गृह मंत्रालय का फैसला

सूत्रों का कहना है कि मौजूदा सुरक्षा हालात और खुफिया जानकारी के आधार पर यह फैसला लिया गया है। गृह मंत्रालय के कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के कारण भी यह फैसला लिया गया है। सुरक्षा इंतजामों के तहत, विरोध प्रदर्शन के लिए तय की गई 3 नई जगहों का सुरक्षा ऑडिट भी पूरा कर लिया गया है।

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दिल्ली में 20,000 अर्धसैनिक बलों की तैनाती है।

Photo : PTI

Delhi Protest : दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ जारी विरोध प्रदर्शनों को देखते हुए गृह मंत्रालय ने अर्धसैनिक बलों की तैनाती एक महीने के लिए बढ़ा दी है। दिल्ली में सुरक्षा-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 20,000 अर्धसैनिक बलों की तैनाती हुई है। सूत्रों का कहना है कि मौजूदा सुरक्षा हालात और खुफिया जानकारी के आधार पर यह फैसला लिया गया है। गृह मंत्रालय के कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के कारण भी यह फैसला लिया गया है। सुरक्षा इंतजामों के तहत, विरोध प्रदर्शन के लिए तय की गई 3 नई जगहों का सुरक्षा ऑडिट भी पूरा कर लिया गया है।

प्रदर्शन से पहले छावनी में तब्दील हुई दिल्ली

दिल्ली में जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के प्रस्तावित 10 अक्टूबर के विरोध प्रदर्शन से पहले सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए। पूरे शहर में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के लगभग 25,000 जवानों को तैनात किया गया। दिल्ली मेट्रो के 45 स्टेशन पर प्रवेश और निकास को लेकर पाबंदियां लगाई गईं हैं। इसके अलावा राष्ट्रीय राजधानी की सीमाओं, रेलवे स्टेशन, बस टर्मिनल और अन्य संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ाई गई।

सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए

मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन की अनुमति दिल्ली पुलिस द्वारा नहीं दिए जाने के बाद सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। पुलिस ने अनुमति देने से इनकार करते हुए कहा था कि प्रस्तावित प्रदर्शन के संबंध में संगठन से प्राप्त पत्र केवल एक सूचना मात्र था, न कि अनुमति मांगने के लिए नियमानुसार जमा किया गया आवेदन। बड़े पैमाने पर लोगों के जुटने की आशंका के मद्देनजर पुलिस ने बिना अनुमति प्रदर्शनकारियों को जंतर-मंतर पर एकत्र होने से रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरे शहर में निगरानी बढ़ाई।

घटनाक्रम पर रही पुलिस की करीबी नजर

नई दिल्ली जिले को 20 जोन में बांटा गया, जहां संयुक्त पुलिस आयुक्त, पुलिस उपायुक्त और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त समेत वरिष्ठ पुलिस अधिकारी कड़ी निगरानी रखी। विभिन्न इकाइयों का नेतृत्व करने वाले विशेष पुलिस आयुक्त भी घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए थे। संयुक्त पुलिस आयुक्त नूपुर प्रसाद ने शुक्रवार को कहा था कि प्रदर्शन की अनुमति के लिए कॉजपा के सह-संयोजक सौरव दास की ओर से आवेदन प्राप्त हुआ था। उन्होंने कहा था कि आवेदन पर विचार किया गया लेकिन यह पाया गया कि प्रदर्शन की अनुमति के लिए आवेदन सात अक्टूबर को प्रस्तुत किया गया था। उन्होंने कहा था कि नियमों के अनुसार, ऐसे आवेदन कम से कम 10 दिन पहले जमा करने होते हैं।

CJP ने निर्देशों का पालन नहीं किया था-पुलिस

प्रसाद ने जुलाई में हुए प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा था कि इससे पहले भी कॉजपा को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति दी गई थी, लेकिन उस दौरान संगठन ने कानूनी निर्देशों का पालन नहीं किया था। दिल्ली पुलिस की सिफारिश पर राजीव चौक, नयी दिल्ली, केंद्रीय सचिवालय, पटेल चौक और कश्मीरी गेट सहित 45 दिल्ली मेट्रो स्टेशन पर शुक्रवार रात से प्रवेश और निकास द्वार अगली सूचना तक बंद कर दिये गये। दिल्ली मेट्रो रेल निगम (डीएमआरसी) के अनुसार, प्रतिबंध शनिवार को भी जारी रहेंगे तथा नयी दिल्ली मेट्रो स्टेशन को छोड़कर सभी प्रभावित स्टेशनों पर ’इंटरचेंज’ (ट्रेन बदलने की) सुविधा उपलब्ध रहेगी।

Alok Rao
आलोक कुमार रावauthor

19 वर्षों से मीडिया जगत में सक्रिय आलोक राव ने प्रिंट, न्यूज एजेंसी, टीवी और डिजिटल चारों ही माध्यमों में काम किया है। इस लंबे अनुभव ने उन्हें समाचारों की समझ, प्रेजेंटेशन, डिटेलिंग और न्यूजरूम डायनेमिक्स में असाधारण दक्षता प्रदान की है। राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रमों में विशेष रुचि रखने के साथ-साथ जियो-पॉलिटिक्स एवं डिफेंस की स्टोरीज में इनकी खासी दिलचस्पी है। आलोक ने अलग-अलग माध्यमों में काम करते हुए समाचारों की समझ, प्रस्तुति और विश्लेषण में मजबूत दक्षता विकसित की है और अब तक 25,000 से अधिक आर्टिकल तैयार कर चुके हैं। तथ्यों की गहन जांच, मजबूत न्यूज सेंस और तेज निर्णय क्षमता उनकी पत्रकारिता की प्रमुख खासियतें हैं।

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