Noida Workers Protest: नोएडा में हाल ही में हुए मजदूरों के विरोध प्रदर्शन को लेकर श्रम विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए बड़े स्तर पर कार्रवाई शुरू की है। विभाग ने 24 फैक्ट्रियों से जुड़े 203 संविदाकारों के लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया आरंभ कर दी है, साथ ही दोषी एजेंसियों को ब्लैकलिस्ट करने की भी तैयारी की जा रही है। श्रमिकों को बकाया भुगतान सुनिश्चित कराने के लिए करीब 1.16 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है और संबंधित ठेकेदारों को भुगतान के लिए नोटिस जारी किए गए हैं। विभाग का कहना है कि जिन ठेकेदारों के श्रमिक हिंसक गतिविधियों में शामिल पाए गए हैं, उनकी भूमिका भी जांच के दायरे में है।
मजदूरों के वेतन में 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी
इसके साथ ही श्रम कानूनों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। श्रमिकों के हित में बड़ा फैसला लेते हुए गौतमबुद्धनगर और गाजियाबाद में मजदूरों के वेतन में 21 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है, जो 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगी। बढ़ी हुई सैलरी का भुगतान 7 से 10 मई के बीच किया जाएगा। विभाग ने स्पष्ट किया है कि वेतन से केवल EPF और ESI की ही कटौती होगी।
समय पर नहीं दिया वेतन तो होगी कार्रवाई
इसके अलावा कोई अन्य कटौती मान्य नहीं होगी। इसके साथ ही, ओवरटाइम का भुगतान दोगुनी दर से करना अनिवार्य होगा, वहीं बोनस और ग्रेच्युटी देना भी जरूरी है। यदि कोई ठेकेदार समय पर वेतन नहीं देता या कम भुगतान करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ जरूरत पड़ने पर मामला दर्ज कर अदालत में अभियोजन भी किया जाएगा।
भ्रामक जानकारी फैलाने वालों पर एक्शन
वहीं, गौतमबुद्ध नगर की पुलिस आयुक्त लक्ष्मी सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि कथित तौर पर पाकिस्तान से संचालित सोशल मीडिया खातों का इस्तेमाल भ्रामक जानकारी फैलाने और नोएडा में श्रमिकों के बीच अशांति भड़काने के लिए किया गया। नोएडा में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुए व्यापक श्रमिक आंदोलन के सिलसिले में अब तक 62 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस आयुक्त ने बताया कि बताया कि दो ’एक्स’ खातों के तकनीकी विश्लेषण से पता चला है कि इन्हें वीपीएन के जरिए पाकिस्तान से संचालित किया जा रहा था। उन्होंने कहा, "मामले की जांच जारी है।"
पुलिस के अनुसार, 13 अप्रैल को इन खातों के जरिए भ्रामक पोस्ट प्रसारित किए गए, जिनका उद्देश्य सार्वजनिक शांति और कानून-व्यवस्था को प्रभावित करना था। इन पोस्ट के कारण जिले के विभिन्न हिस्सों में लोगों के बीच भय और आक्रोश फैल गया। पुलिस आयुक्त ने बताया कि इसके बाद भीड़ ने पथराव किया, जिसमें कई लोग घायल हो गए, और वाहनों, निजी संपत्ति तथा सार्वजनिक परिसंपत्तियों को निशाना बनाकर आगजनी और तोड़फोड़ की गई। पुलिस आयुक्त ने बताया कि बुधवार से जिले में स्थिति सामान्य हो गई है और सुबह फ्लैग मार्च किया गया तथा सेक्टर-आधारित सुरक्षा व्यवस्था के तहत गश्त जारी है।
