नोएडा

Noida News: मंदिर में चोरी करने वाले दो शातिर चोर गिरफ्तार, चांदी की सिल्ली और अवैध हथियार बरामद

नोएडा पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार राजू सिंह उर्फ सोनू मंदिरों में चोरी करने का आदी है। वह पहले रैकी कर मंदिरों में रखे आभूषण और चांदी के छत्र चोरी करता है।

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(सांकेतिक फोटो-Istock)

नोएडा : थाना सेक्टर-24 ने सेक्टर 12 के शिव मंदिर में हुई चोरी का खुलासा करते हुए दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से करीब 3.5 किलो चांदी की सिल्ली, एक अवैध चाकू और घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान राजू सिंह उर्फ सोनू और सदाशिव के रूप में हुई है। दोनों को पुलिस ने सेक्टर-11 नोएडा के वीडियोकोन चौराहे के पास से गिरफ्तार किया।

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार राजू सिंह उर्फ सोनू मंदिरों में चोरी करने का आदी है। वह पहले रैकी कर मंदिरों में रखे आभूषण और चांदी के छत्र चोरी करता है। आरोपी ने पूछताछ में बताया कि करीब 10-12 दिन पहले उसने सेक्टर-12 के मंदिर से शिवलिंग पर लगे छत्र और मूर्तियों के चांदी के आभूषण चोरी किए थे। चोरी की रकम से वह अपनी रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करता था।

राजू सिंह के पास से बरामद मोटरसाइकिल उसकी पत्नी के नाम पर दर्ज है, जिसे उसने चोरी की रकम से खरीदा था। आरोपी इसी मोटरसाइकिल से मंदिरों की रैकी कर चोरी की घटनाएं अंजाम देता था।

वहीं, दूसरा आरोपी सदाशिव ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह मुरादाबाद के फैजगंज मोहल्ले में सोना-चांदी गलाने का काम करता है। उसने पुलिस पूछताछ में स्वीकार किया कि राजू सिंह अक्सर चोरी किया हुआ चांदी का सामान उसके पास गलवाने के लिए लाता था। लालच में आकर वह चोरी का माल गलाकर सिल्ली बना देता था ताकि पहचान मिटाई जा सके। एडीसीपी नोएडा सुमित शुक्ला ने बताया कि दोनों आरोपियों के पास से मंदिर से चोरी हुए सामान बरामद हुआ है दोनो को जेल भेजा जा रहा है आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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