नोएडा

खून से सनी लाश, स्टोर रूम में आरोपी...और एक कोठी की डील, SC की महिला वकील की हत्या मामले में पति हुआ गिरफ्तार

  • Authored by: प्रांजुल श्रीवास्तव
  • Updated Sep 11, 2023, 05:02 PM IST

Noida Crime News: नोएडा के सेक्टर 30 स्थित D-40 कोठी में रविवार शाम सुप्रीम कोर्ट की महिला वकील रेणु सिन्हा का शव बाथरूम में संदिग्ध हालात में मिला था। उनके सिर पर चोट के निशान थे और पूरा शरीर खून से लथपथ था। पुलिस ने हत्या के आरोप में महिला वकील के पति को गिरफ्तार कर लिया है।

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नोएडा में महिला वकील की हत्या

Photo : Twitter

Noida Crime News: राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा में सुप्रीम कोर्ट की महिला वकील की हत्या मामले में कई खुलासे हुए हैं। पुलिस ने हत्या के आरोप में आरोपी पति नितिन नाथ को गिरफ्तार कर लिया है। उसकी उम्र 62 साल के करीब है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को घर में बने स्टोर रूम से गिरफ्तार किया गया है। हत्या के बाद 24 घंटे तक आरोपी इसी स्टोर रूम में छिपा रहा था।

दरअसल, नोएडा के सेक्टर 30 स्थित D-40 कोठी में रविवार शाम सुप्रीम कोर्ट की महिला वकील रेणु सिन्हा का शव बाथरूम में संदिग्ध हालात में मिला था। उनके सिर पर चोट के निशान थे और पूरा शरीर खून से लथपथ था। भाई की सूचना पर पुलिस ने शव को घर से निकाला और पोस्टमार्टम के भेजा था। महिला वकील की हत्या के बाद से उसका पति फरार था, जिसके बाद पुलिस को पति पर हत्या का शक हुआ।

24 घंटे तक स्टोर रूम में ही छिपा रहा आरोपी

महिला वकील के भाई ने उसके पति पर ही हत्या की आशंका जताई। इसके बाद पुलिस ने कोठी के चप्पे-चप्पे की तलाशी शुरू की। रात करीब तीन बजे आरोपी के स्टोर रूम में छिपे होने की जानकारी मिली। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर उसे गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों का कहना है कि हत्या के बाद आरोपी 24 घंटे तक स्टोर रूम में ही छिपा रहा। इसके बाद पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू की।

आरोपी ने किए बड़े खुलासे

पूछताछ के दौरान आरोपी पति ने बताया कि उसकी पत्नी को कैंसर था और पिछले महीने ही वह कैंसर से मुक्त हुई थी। आरोपी ने बताया कि कोठी को बेचने के लिए उसने 4 करोड़ रुपये में डील तक की थी, लेकिन उसकी पत्नी उसे बेचने नहीं दे रही थी। इसी कारण उसने अपनी पत्नी की हत्या कर दी। पूछताछ के दौरान पता चला कि आरोपी इंडियन रेवेन्यू सर्विस अधिकारी था बाद में उसने जॉब छोड़ दी थी।

प्रांजुल श्रीवास्तव
प्रांजुल श्रीवास्तवauthor

<p>मैं इस वक्त टाइम्स नाउ नवभारत से जुड़ा हुआ हूं। पत्रकारिता के 8 वर्षों के तजुर्बे में मुझे और मेरी भाषाई समझ को गढ़ने और तराशने में कई वरिष्ठ पत्रकारों और संपादकों का योगदान रहा। 2016 में उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से शुरू हुआ यह सफर देश की राजधानी दिल्ली में 'टाइम्स नाउ नवभारत' तक आ पहुंचा है। अखबारों में रिपोर्टिंग करते हुए शहरों की धूल फांकना और डिजिटल पत्रकारिता की बारीकियों को समझते हुए देश-विदेश की खबरों को आप तक पहुंचाने का मेरा ये सफर काफी किस्से-कहानियों से भरा हुआ है। लखनऊ की बाबा भीम राव अंबेडकर सेंट्रल यूनिवर्सिटी के क्लासरूम में प्रोफेसरों से मिले किताबी ज्ञान और पत्रकारीय सिद्धांतों को जमीन पर उतारने का मौका मुझे 2016 में ही मिल गया। पहला ब्रेक टाइम्स ग्रुप के प्रतिष्ठित अखबार 'नवभारत टाइम्स' ने दिया। यहां बतौर इंटर्न मुझे कई सामाजिक संगठनों की रिपोर्टिंग करने का मौका मिला। दिनभर शहर में घूम-घूम कर खबरों को बटोरना और शाम होते ही उन्हें लिखकर डेस्क के हवाले करना मेरी दिनचर्या का हिस्सा हो गया। इस अनुभव ने मुझे समाज के तौर तरीकों से परिचित कराया तो न्यूजरूम में सीनियर्स से मिली डांट ने पत्रकारिता की बारीकियों और भाषाई मर्यादा को समझने में मदद की। करीब 3 से 4 महीनों की इंटर्नशिप के बाद मुझे 2017 आते-आते गांधी परिवार के गढ़ रायबरेली भेजा गया। यह समय उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव और सत्ता के बदलाव का था। यहां बतौर रिपोर्टर मैं पहली बार राजनीतिक खबरों से रूबरू हुआ। रायबरेली के मिजाज को करीब 8 महीनों तक समझने के बाद नवभारत टाइम्स ने मुझे वापस लखनऊ बुलाया और शहर की रिपोर्टिंग करने का मौका दिया। यहां विज्ञान, पर्यावरण, बाजार, लखनऊ विकास प्राधिकरण, आवास विकास और मेट्रो जैसी बीट पर जमकर काम किया। यह सफर अब पश्चिमी उत्तर प्रदेश के जिले मुरादाबाद तक पहुंच गया था, जहां मुझे दैनिक जागरण जैसे प्रतिष्ठित अखबार के लिए दो वर्षों तक रिपोर्टिंग करने का अवसर मिला। करीब दो वर्षों की पत्रकारिता के बाद अब मुझे देश की राजधानी की ओर रुख करना था और यह मौका अमर उजाला (डिजिटल) ने दिया। अखबारों की रिपोर्टिंग से निकलकर डिजिटल पत्रकारिता के अनुभव से मैं पहली बार रूबरू हो रहा था। यहां पर मुझे मेन डेस्क पर जिम्मेदारी मिली। जहां सबसे आगे रहते हुए सबसे सटीक खबरें आप तक पहुंचाना चुनौती भरा काम था, लेकिन पत्रकारिता की शुरुआत में मिले अनुभवों ने मेरा काम आसान बना दिया। यहां भी करीब दो वर्षों के बाद 2023 में मुझे टाइम्स ग्रुप से दोबारा जुड़ने का मौका मिला और टाइम्स नाउ नवभारत की मेन डेस्क पर मेरा सफर अब तक जारी है।</p>

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