नोएडा

सावधान! कहीं आप भी ऐसे झांसे में न फंस जाएं, जालसाजों ने एक ही फ्लैट 2 लोगों को बेचकर लाखों हड़पे

नोएडा सेक्टर-100 में एक ने फ्लैट खरीद में 60 लाख की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। फ्लैट पहले से किसी और को बेचा गया था, जब बैंक का नीलामी नोटिस मिला तब जाकर मामला उजागर हुआ। कोर्ट के आदेश पर तीन लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर पुलिस जांच में जुटी है।

Image

एक मकान को दो बार बेचकर दिया धोखा (सांकेतिक चित्र- Canva)

Noida News: नोएडा सेक्टर-100 में रहने वाली एक महिला ने फ्लैट खरीद में करीब 60 लाख रुपये की धोखाधड़ी का आरोप लगाते हुए न्यायालय का दरवाजा खटखटाया, जिसके बाद पुलिस ने फाउंडेशन के अध्यक्ष समेत तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।

2015 में खरीदा था फ्लैट

पीड़िता हेमलता शर्मा ने कोर्ट में दी गई अपनी अर्जी में बताया कि वर्ष 2015 में उन्होंने एक रिहायशी प्रोजेक्ट में फ्लैट बुक किया था। प्रोजेक्ट से जुड़े अभिजीत कुमार ने उन्हें 28 दिसंबर 2015 को अलॉटमेंट लेटर भी जारी किया। हेमलता ने फ्लैट की पूरी कीमत 59.44 लाख रुपये चुका दी थी।

कैसे हुआ खुलासा

हाल ही में महिला को उस समय बड़ा झटका लगा जब फ्लैट के बाहर एक बैंक का नीलामी नोटिस चिपका मिला। जानकारी जुटाने पर खुलासा हुआ कि मुकेश कुमार गर्ग नाम के व्यक्ति ने यह फ्लैट 2014 में ही खरीद लिया था और उसके एवज में 55 लाख रुपये का लोन बैंक से ले रखा था। यानी एक ही फ्लैट को दो बार बेचा गया।

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा

जब हेमलता ने फाउंडेशन से संपर्क किया, तो न सिर्फ मामले में कोई स्पष्टीकरण नहीं मिला, बल्कि गाली-गलौज और बदसलूकी का सामना भी करना पड़ा। कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने फाउंडेशन के अध्यक्ष नवीन गुप्ता, अभिजीत कुमार और एक अन्य के खिलाफ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और धमकी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और जरूरी दस्तावेजों को खंगाला जा रहा है।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

और पढ़ें
End of Article