Noida Roadways Bus Stolen: उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्धनगर जिले से एक ऐसी खबर सामने आई, जिसे जानकर अधिकारी भी हैरान हो गए। दरअसल, नोएडा के सेक्टर-35 मोरना बस डिपो में खड़ी रोडवेज बस चोरी हो गई। रोडवेज बस की चोरी की खबर से महकमे में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस भी रोडवेज बस की तलाश में जुट गई। पुलिस ने सोमवार देर रात करीब डेढ़ बजे रोडवेज बस को बरामद कर लिया। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मुकेश के रूप में हुई है। मुकेश पूर्व में डिपो में संविदा पर ड्राइवर था। मुकेश का सिक्योरिटी मनी को लेकर एआरएम से विवाद चल रहा है।
पुलिस ने बताया कि, मूलरूप से फर्रुखाबाद के रहने वाला चालक ज्ञानेंद्र कुमार मोरना डिपो में सीएनजी भरवाने के लिए रोडवेज बस को लेकर गया था। यहां पंप पर लंबी कतार लगी थी। बस चालक बस को खड़ा कर खाना खाने चला गया।
पुलिस ने दो घंटे में बरामद की चोरी हुई रोडवेज बस
इसी बीच रोडवेज बस चोरी हो गई। जब वह वापस आया तो डिपो में बस नहीं थी। ज्ञानेंद्र ने आनन- फानन में डिपो के अधिकारियों को बस चोरी होने की सूचना दी। अधिकारियों ने तुरंत बस चोरी की शिकायत कोतवाली सेक्टर-24 में की। हरकत में आई पुलिस ने छानबीन शुरू की। इसके करीब करीब दो घंटे बाद बस को बरौला में खड़ी पाया। जांच करने पर सामने आया कि, बस में बैटरी नहीं थी। बस को खींचकर पुलिस सेक्टर-24 थाने लेकर पहुंची। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से रोडवेज बस ले जाने वाले बुलंदशहर के धनोरा गांव के रहने वाले मुकेश को भी अरेस्ट कर लिया।पूर्व ड्राइवर ने नकली चाबी से चोरी की थी रोडवेज बस
पुलिस ने जब मुकेश से पूछताछ की तो उसने बताया कि, वह डिपो में संविदा पर ड्राइवर था। उसने नौकरी छोड़ दी। वह 30 अक्टूबर को अपनी सिक्योरिटी मनी 10 हजार रुपये डिपो से लेने गया था। लेकिन यहां एआरएम ने मुकेश को रुपये नहीं दिए। इससे वह खासा नाराज हो गया। उसने नकली चाबी से बस चोरी कर ली। इसके बाद बरौला में बस की बैटरी निकाल कर बेच दी और बस को वहीं खड़ी कर घर चला गया।डिपो प्रशासन से सिक्योरिटी मनी को था लेकर विवाद
नोएडा डिपो के एआरएम एनपी सिंह के अनुसार, कुछ दिन पहले चालक मुकेश की संविदा समाप्त की गई थी। मुकेश बस को रंजिश में डिपो से चोरी करके ले गया था। थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि, मोरना से ग्रेनो डिपो की रोडवेज बस चोरी होने की जानकारी मिली थी। जब सीसीटीवी कैमरे की जांच की तो सामने आया कि, पूर्व संविदा चालक बस ले गया था। इसके बाद पुलिस ने बरौला के पास से रोडवेज बस को बरामद कर लिया और आरोपी मुकेश को अरेस्ट कर लिया। मुकेश का डिपो प्रशासन से सिक्योरिटी मनी को लेकर विवाद सामने आया है।
