Noida Poster Row: विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर देश में सियासी गहमागहमी साफ दिख रही है। बिहार के आगामी विधानसभा चुनाव के पहले विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच SIR के बहाने वोट-वोटरों को लेकर आरोप प्रत्यारोप का सिलसिला चल रहा है। इसी बीच राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे नोएडा में इन दिनों पोस्टर वार सुर्खियों में है। SIR को लेकर चल रही बयानबाजियों के बीच अब शहर की दीवारें और प्रमुख चौराहे राजनीति का नया अखाड़ा बन गए हैं।
इन इलाकों में दिखे पोस्टर
शनिवार को नोएडा के कई इलाकों में सुबह लोगों की नजर कुछ विवादित पोस्टरों पर पड़ी। ये पोस्टर शहर के प्रमुख चौराहों, फिल्म सिटी एलिवेटेड रोड और सेक्टर-34 गिझौड़ के आसपास लगाए गए थे। इन पोस्टरों में ‘वोट चोरी’ का जिक्र किया गया। इन पोस्टरों में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्त की तस्वीरें लगाई गई हैं। पोस्टरों पर किसी भी राजनीतिक दल का नाम या चिन्ह नहीं है। इसके बावजूद पोस्टरों ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है।
विपक्ष ने लगाए पोस्टर?
समाचार एजेंसी आईएएनएस के मुताबिक यह पोस्टर विपक्षी दलों ने लगाए हैं ताकि सत्ता पक्ष और चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए जा सकें। हालांकि, विपक्षी दलों ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। शहर में अचानक लगे इन पोस्टरों ने प्रशासन को भी अलर्ट कर दिया है।
जांच के आदेश
जिला प्रशासन ने मामले का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों को जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन ने कहा है कि इस तरह की गतिविधियां लोकतांत्रिक माहौल को खराब करने वाली हैं और इसकी गहन जांच कराई जाएगी। साथ ही दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
आम हैं ऐसे पोस्टर
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि चुनाव नजदीक आते ही ऐसे पोस्टर वार आम हो जाते हैं। यह विपक्ष और सत्ता पक्ष के बीच जनता को प्रभावित करने का एक हथियार बन चुका है। लेकिन, इस बार मामला सीधे चुनाव आयोग तक जा पहुंचा है, जिस पर आरोप लगाया जाना बेहद गंभीर माना जा रहा है।
