नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (जेवर) को सुरक्षा कारणों से रेड जोन यानी नो ड्रोन फ्लाई जोन घोषित किया गया है। इस क्षेत्र में ड्रोन या किसी भी प्रकार के अनमैन्ड एरियल व्हीकल (UAV) उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है, जिससे हवाई अड्डे की सुरक्षा और वायु क्षेत्र की निगरानी सुनिश्चित की जा सके। ये कदम नागरिक उड्डयन मंत्रालय और नागरिक उड्डयन महानिदेशालय तथा सुरक्षा एजेंसियों के निर्देशानुसार उठाया गया है।
भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण अधिनियम, 1934 और UAV संचालन नियमों के अंतर्गत, बिना अनुमति के ड्रोन उड़ाना एक दंडनीय अपराध माना जाता है। ऐसे मामलों में नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति, संस्थान या संस्था पर कानूनी कार्यवाही की जाएगी। पुलिस ने नागरिकों से इस नियम का कड़ाई से पालन करने और हवाई अड्डे की सुरक्षा में सहयोग देने की अपील की है। इस निर्णय का उद्देश्य न केवल हवाई अड्डे की सुरक्षा मजबूत करना है, बल्कि संभावित खतरों को भी रोकना है। सभी नागरिकों का सहयोग इस दिशा में महत्वपूर्ण है।
नियमों को सख्ती से लागू करने की पहल
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के एडीसीपी मनीष कुमार मिश्रा ने बताया कि नोएडा एयरपोर्ट क्षेत्र को 8 अक्टूबर को रेड जोन घोषित किया गया था। अब इस फैसले को सख्ती से लागू किया जा रहा है। नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति, संगठन, या समूह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने एक वीडियो संदेश जारी करके सभी लोगों से नियमों का पालन करने और एयरपोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था को सहयोग देने की अपील की है।
