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NCR में आने वाली है नौकरियों की बहार! खुलने वाली हैं 40 फैक्ट्रियां; 2 लाख महिलाओं का रोजगार पक्का

Women Employment in NCR : अपैरल पार्क में जून माह से 40 फैक्ट्रियों के निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा। अगले 2 साल में इन कारखानों के स्टार्ट होने से करीब 3 लाख लोगों के लिए प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से नौकरियों के अवसर खुलेंगे। इनमें से 70 फीसदी आरक्षण महिलाओं के लिए रखा गया है।

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Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

Women Employment in NCR : एनसीआर क्षेत्र (NCR) लगातार विकास के गलियारे से आगे की ओर बढ़ रहा है। इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े सड़क, बिजली समेत अन्य काम तेजी से कराए जा रहे हैं। लेकिन, अब इससे आगे की कहानी शुरू होने जा रही है। जी, हां विकास के साथ रोजगार (Employment) की बात होने जा रही है। जल्द दी एनसीआर क्षेत्र में नौकरियों की बाढ़ आने वाली है। यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (Yamuna Expressway Industrial Development Authority) (यीडा) के सेक्टर-29 में सड़कें, सीवर और बिजली के बकाए काम पूरे कर लिए गए हैं। लिहाजा, यहां बनने वाले अपैरल पार्क (Apparel Park) में जून माह से 40 फैक्ट्रियों के निर्माण का कार्य शुरू हो जाएगा। फिलहाल, इसके लिए आवंटन की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसके खुलने में दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र के अलावा अन्य राज्यों के कामगारों को रोजगार उपलब्ध होंगे।

अपैरल पार्क में खुलेंगी फैक्ट्रियां

अपैरल पार्क में खुलेंगी फैक्ट्रियां

जेवर एयरपोर्ट (Jewar Airport) के पास बन रहा रोजगार का हब (Employemnet Hub Near Jewar Airport)

फिलहाल, अपैरल पार्क का साइट दफ्तर तैयार हो चुका है। योजना के मुताबिक, पार्क में रेडीमेड गारमेंट्स (Readymade Garments) से संबंधित फैक्ट्रियां लगाई जाएंगी। प्लान के तहत अगले दो साल में अपैरल को क्रियान्वित किया जाना है। ये जेवर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे के पास देश का सबसे बड़ा और आधुनिक अपैरल पार्क स्थापित किया जाना है। इसके लिए यमुना प्राधिकरण ने बड़ा प्लान तैयार किया है। इसके लिए प्राधिकरण ने 92 प्लाटों का आवंटन किया था, जिनमें 65 प्लाटों का पजेशन भी किया जा चुका है। शेष 30 से 40 प्लॉटों का नक्शा पास कराने के लिए प्रक्रिया चल रही है। नक्शा पास होते ही इनका भी आवंटन पूरा कर लिया जाएगा।

अपैरल पार्क में खुलेंगी फैक्ट्रियां

अपैरल पार्क में खुलेंगी फैक्ट्रियां

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2 लाख महिलाओं को मिलेगा रोजगार

फिलहाल, प्रोजेक्ट को धार देने के लिए अपैरल पार्क एसोसिएशन की तरफ से इसमें टेक्सटाइल उद्योग (Textile Industry) के लिए निर्माण कार्य कराए जाने के लिए साइट दफ्तर तैयार कर लिया गया है। एसोसिएशन के अध्यक्ष ललित ठुकराल के मुताबिक, प्राधिकरण के अधिकारियों के साथ बैठक हुई है। इस बैठक में सर्वसम्मति से अगले महीने कत 30 से 40 फैक्ट्रियों के निर्माण कार्य शुरू करने पर सहमति बनी है। बताया जा रहा है कि यहां जो भी यूनिट स्थापित की जाएगी, उसका कंट्रोल डिजाइन भी बनाया जाएगा। दावा है कि अपैरल पार्क के तैयार होने के बाद करीब 3 लाख लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार मिलेगा। हालांकि, महिलाओं के लिए अच्छी बात ये है कि इन तीन लाख नौकरियों में 70 फीसदी का आरक्षण रखा गया है। इतने व्यापक तौर पर नौकरियां मिलने से लोगों की आर्थिक स्थिति में सुधार होगा।
अपैरल पार्क में खुलेंगी फैक्ट्रियां

अपैरल पार्क में खुलेंगी फैक्ट्रियां

NCR को लगेंगे आर्थिक विकास के पंख

जानकारी के मुताबिक, जेवर एयरपोर्ट का काम लगभग पूरा हो गया है। इसी साल के आखिरी तक एयरपोर्ट पर हवाई ट्रैफिक शुरू हो जाएगा। इस हवाई अड्डे के शुरू होने से पूरे एनसीआर क्षेत्र को आर्थिक तेजी मिलेगी। रोजगार समेत अन्य क्षेत्रों में संभावनाएं बढ़ जाएंगी। इस क्षेत्र में व्यापक तौर पर कारखाने और अन्य उद्योग धंधे खुलने से रोजगार-नौकरियों में तेजी आएगी। हालांकि, एनसीआर क्षेत्र में पहले से बड़ी संख्या में कल कारखाने स्थापित हैं, जिनमें से सिर्फ एनसीआर के लोगों को ही नहीं, बल्कि यूपी बिहार समेत कई राज्यों के लोगों को रोजगार मिल रहा है। यहां बड़ी संख्या में कपड़े और इलेक्ट्रिक क्षेत्र से जुड़े कारखाने लगे हैं। अब अपैरल पार्क में 40 फैक्ट्रियां लगने से यहां की आर्थिक गतिविधि को बूस्ट मिलेगा।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

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