नोएडा, ग्रेटर नोएडा और ग्रेटर नोएडा वेस्ट में बनी 200 के करीब बहुमंजिला इमारतें और हाउसिंग सोसाइटी रहने वाले लोगों लिफ्ट पर निर्भर रहना पड़ता है और लिफ्ट में आए दिन कोई न कोई हादसा हो रहा है जिसके कारण लोग इन लिफ्टों से डरने लगे हैं। बुधवार को ग्रेटर नोएडा वेस्ट की श्री राधा स्काई गार्डन सोसाइटी और ग्रेटर नोएडा के सेक्टर अल्फा दो में स्थित गोल्फ गार्डेनिया सोसायटी में लगे लिफ्ट मां और बेटा और एक परिवार के आठ सदस्य फंस गये जिन्हे भारी मशक्कत के बाद बाहर निकाला जा सका।
ग्रेटर नोएडा वेस्ट में घटना
बुधवार को ग्रेटर नोएडा वेस्ट की श्री राधा स्काई गार्डन सोसाइटी के डी-5 टावर में 11वें फ्लोर पर रहने वाली साक्षी बंसल अपने साढ़े चार बच्चे के साथ 15 मिनट तक लिफ्ट में फंसी रही। साक्षी ने बताया कि वह शाम करीब चार बजे लिफ्ट से अपने बच्चे को ट्यूशन छोड़ने जा रही थीं। अचानक बिजली कटने से लिफ्ट चौथे और पांचवें फ्लोर के बीच अटक गई। लिफ्ट में बेटे के रोने की आवाज सुनकर पहले फ्लोर पर रह रहा युवक मदद के लिए पहुंचा। उसे मेंटेनेंस टीम को जानकारी दी। करीब 4.30 बजे उनको और बेटे को बाहर निकाला जा सका।
सोसायटी निवासी के निवासियों का कहना है मेंटेनेंस चार्ज लेने के बाद भी सोसाइटी में समय रहते मेंटेनेंस नहीं किया जाता, जिसकी वजह से लोगों को परेशानी होती है। इसके लिए वे लोग कई बार प्रोस्टेट भी कर चुके है लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती है. वही सोसाइटी के मेंटेनेंस मैनेजर रोहित सिंह ने बताया कि शाम के समय एचटी पैनल में कुछ दिक्कत आने से पावर बैकअप शुरू नहीं हो पाया था। इसकी वजह से लिफ्ट शुरू नहीं हो पाई थी। टावर का गार्ड छुट्टी पर था। घटना के बाद गार्ड की तैनाती कर दी गई है।
नियमित रखरखाव ना होने की शिकायत
नोएडा, ग्रेटर नोएडा, ग्रेटर नोएडा वेस्ट और गाजियाबाद समेत राज्य के तमाम जिलों में बहुमंजिला हाउसिंग सोसायटी हैं। इन इमारतों में आने जाने के लिए लिफ्ट और एलिवेटर पर निर्भर रहना पड़ता है। जिससे आए दिन कोई ना कोई दुर्घटना होती रहती है। उत्तर प्रदेश में अभी तक इन लिफ्ट और एलीवेटर से जुड़ी व्यवस्था व संचालन को नियमित करने के लिए कोई कानून उपलब्ध नहीं है। उत्तर प्रदेश में लिफ्ट एक्ट पिछले कई सालों से लंबित है। दूसरी ओर बिल्डर हाईराइज इमारतों का निर्माण करने के दौरान लिफ्ट लगाता है और दशकों के बाद कब्जा देता है। इसलिए ज्यादातर लिफ्ट पुरानी हो जाती हैं और नियमित रखरखाव की आवश्यकता होती है। जो नहीं हो रही है जिसकी वजह से ये हादसे हो रहे है।
(ताहिर की रिपोर्ट)
