नोएडा

दिवाली पर दिवाला निकाल रहा बस का किराया, हवाई जहाज से भी महंगी हुई टिकट

गुरुवार 31 अक्टूबर को दीपों का त्योहार दिवाली मनाई जाएगी। ऐसे में हर कोई अपनों के पास अपने घर पहुंचना चाहता है। ट्रेनों में टिकटें महीनों पहले बिक चुकी हैं और स्पेशल ट्रेनों में भी जगह नहीं मिल ही है। अवसर का लाभ निजी बस ऑपरेटर उठा रहे हैं और कई रूट पर उनके टिकट हवाई जहाज के टिकट से भी महंगे हैं।

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दिवाली पर बसों के किराए 10 गुना बढ़े

Photo : Times Now Digital

चीजों के दाम आसमान पर पहुंचने वाली कहावत तो आपने सुनी ही होगी। दिवाली और छठ के त्योहार पर घर जाने की चाहत रखने वालों को इस कहावत का असली मतलब समझ आ रहा है। जिन लोगों ने महीनों पहले हवाई जहाज या ट्रेन की टिकट बुक करवा ली थी, वह तो आसानी से घर पहुंच रहे हैं। लेकिन जिन लोगों ने अंतिम समय तक इंतजार किया अब उनकी जेबें कट रही हैं।

ट्रेनों की टिकटें महीनों पहले बिक चुकी हैं। स्पेशल ट्रेनों में भी टिकटों की इतनी मारामारी है कि टिकट मिलना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में निजी वाहन से सफर करने के अलावा हवाई जहाज और बस के ही विकल्प शेष बचते हैं। त्योहारी मौसम को देखते हुए हवाई जहाज में भी टिकट के दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। जिन शहरों के लिए दिल्ली से आराम से 3500 से 5000 रुपये में हवाई टिकट मिल जाती थी, वहां अब 6000 से 12000 रुपये वसूले जा रहे हैं। हालांकि, कुछ रूट पर अब भी टिकटें सस्ते में उपलब्ध हैं।

बसों ने किया बेबस

रोडवेज की बसों में बहुत ज्यादा भीड़ है और वह आरामदायक भी नहीं हैं। कुछ लोग स्लीपर बसों के विकल्प देख रहे हैं, जिन्हें प्राइवेट ऑपरेटर चलाते हैं। इन बसों में सफर के लिए आपको निश्चित तौर पर अपनी जेब कटवानी पड़ेगी। क्योंकि इन बसों का किराया हवाई जहाज के किराए को भी मात दे रहा है। 31 अक्टूबर को दिवाली के चलते 30 बुधवार 30 अक्टूबर को निजी बसों का किराया हवाई जहाज से भी ज्यादा वसूला जा रहा है।

दैनिक हिंदुस्तान की रिपोर्ट के अनुसार विभिन्न बस और फ्लाइट बुकिंग वेबसाइट के मुताबिक आम दिनों के मुकाबले निजी ऑपरेटरों की बस के किराए में 10 गुना तक की वृद्धि देखने को मिल रही है। अंदाजा इसी से लगा सकते हैं कि नोएडा से लखनऊ के लिए निजी बस का किराया 7 हजार रुपये वसूला जा रहा है, जबकि दिल्ली से लखनऊ की फ्लाइट का किराया 6000 रुपये से शुरू हो जाता है। आम दिनों में तो 4000 रुपये में भी हवाई टिकट मिल जाती है।

यही हाल राज्य और राज्य के बाहर अन्य शहरों की ओर जाने वाली निजी बसों का भी है। फिर चाहे वह प्रयागराज हो, गोरखपुर, वाराणसी, आगरा, बरेली, झांसी, देहरादून और अल्मोड़ा जाने वाली गाड़ियां हों।

Bus vs flight Ticket price.

हवाई जहाज के टिकट से महंगा बस का किराया

लोगों की आपबीती

दैनिक हिंदुस्तान ने लखनऊ निवासी रामप्रताप सिंह से बात की जो ऑफिस के काम से वे नोएडा आए थे। उन्हें 30 अक्तूबर को घर लौटना है, लेकिन निजी बस का किराया बहुत ज्यादा है। उनका कहना है कि उनकी सेहत ठीक न होने की वजह से वह हवाई जहाज में सफर नहीं कर सकते हैं। दूसरी तरफ रोडवेज में सस्ता सफर करना चाहें तो वहां स्लीपर बस मौजूद नहीं हैं।

प्रयागराज निवासी चेतन ने ने बताया कि त्योहार पर घर जाना है, लेकिन प्राइवेट ऑपरेटरों की बस का किराया बहुत ज्यादा है। बस में बैठकर सफर करना काफी असुविधाजनक होता है, इसलिए निजी स्लीपर बस के अलावा कोई विकल्प शेष नहीं है।

रोजवेज की बसों के फेरे बढ़े

दिवाली के अवसर पर हर कोई अपने घर और अपनों के पास पहुंच सके, इसके लिए रोजवेज ने खास तैयारी की है। नोएडा और ग्रेटर नोएडा डिपो से बसें 1000 से ज्यादा अतिरिक्त फेरे लगाएंगी। यह फेरे आज यानी मंगलवार 29 अक्टूबर से शुरू हो गए हैं। नोएडा और ग्रेटर नोएडा दोनों ही डिपो में कुल 268 बसें हैं। 10 नवंबर तक बसों के अतिरिक्त फेरे लगेंगे, क्योंकि जो लोग त्योहार पर अपनों के पास गए हैं, उन्हें वापस काम पर लौटना भी है।

ड्राइवर-कंडक्टर की छुट्टियां कैंसिल

दैनिक हिंदुस्तान से बात करते हुए उत्तर प्रदेश परिवहन निगम गौतमबुद्ध नगर के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज कुमार ने बताया कि मंगलवार से बसें अतिरिक्त फेरे लगाएंगी। यात्रियों को बसों की सुविधा मिलती रहे, इसके लिए ड्राइवरों, कंडक्टरों और अन्य कर्मियों की छु‌ट्टी कैंसिल कर दी गई हैं। छुट्टियां कैंसिल करने के साथ ही उनके लिए प्रोत्साहन राशि योजना भी लागू की गई है, ताकि वह यात्रियों की सेवा में तन-मन से लगे रहें। दोनों डिपो से लखनऊ के लिए बस चलाई जा रही है। हालांकि, इससे ज्यादा दूरी के लिए रोडवेज की बसें नहीं चलाई जा रही हैं।

Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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