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तेलंगाना को बड़ी सौगात, हैदराबाद-पणजी कॉरिडोर पर NH-167 के लिए 3175 करोड़ मंजूर, 4-लेन में बदलेगा हाईवे

कैबिनेट ने तेलंगाना में NH-167 के गुडेबल्लूर से महबूबनगर खंड को 4-लेन बनाने की मंजूरी दे दी है। 3175 करोड़ का यह प्रोजेक्ट यातायात को बेहकर करेगा और क्षेत्र में रोजगार के 32 लाख से अधिक अवसर पैदा करेगा। इस प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद गुडेबल्लूर, मगनूर, मखथल, मारिकल, देवकद्रा, जकलेर, येलिगंदला और बंडेपल्ली जैसे घनी आबादी वाले कस्बों को जाम से भी राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

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हैदराबाद पणजी कॉरिडोर पर NH-167 होगा अपग्रेड (सांकेतिक तस्वीर)

Photo : Times Now Digital

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की कैबिनेट समिति ने तेलंगाना के विकास को नई रफ़्तार देने वाला एक बड़ा फैसला लिया है। हैदराबाद-पणजी इकोनॉमिक कॉरिडोर के तहत नेशनल हाईवे-167 के चौड़ीकरण को मंजूरी दे दी गई है। गुडेबल्लूर से महबूबनगर तक के इस सफर को अब 4-लेन के मानक स्तर पर विकसित किया जाएगा, जिससे न केवल समय की बचत होगी बल्कि व्यापार के नए रास्ते भी खुलेंगे।

जाम और खराब सड़कों से मिलेगा छुटकारा

फिलहाल गुडेबल्लूर और महबूबनगर के बीच की सड़क काफी संकरी और खराब बनावट वाली है। इस रूट पर पड़ने वाले गुडेबल्लूर, मगनूर, मखथल, मारिकल, देवकद्रा, जकलेर, येलिगंदला और बंडेपल्ली जैसे घनी आबादी वाले कस्बों में अक्सर भारी जाम की स्थिति बनी रहती है। सड़क के 4-लेन होने से यातायात सुगम होगा और नारायणपेट और महबूबनगर जिलों के निवासियों को सीधे तौर पर इसका लाभ मिलेगा।

3175 करोड़ का निवेश और आर्थिक लाभ

करीब 80.01 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट पर कुल 3175.08 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसे 'हाइब्रिड एन्युइटी मोड' (HAM) के तहत विकसित किया जा रहा है। इस हाईवे के बनने से माल ढुलाई (Freight Movement) की दक्षता बढ़ेगी और लॉजिस्टिक्स की लागत में कमी आएगी। यह अपग्रेडेड कॉरिडोर दो प्रमुख नेशनल हाईवे (NH-150 और NH-167N) के साथ मिलकर तेलंगाना के आर्थिक और सामाजिक केंद्रों को जोड़ने में मदद करेगा।

PM गतिशक्ति और मल्टी-नोडल कनेक्टिविटी

यह प्रोजेक्ट 'पीएम गतिशक्ति' (PM GatiShakti) विजन के साथ पूरी तरह एकीकृत है। यह कॉरिडोर तीन इकोनॉमिक नोड्स, नौ सोशल नोड्स और सात लॉजिस्टिक नोड्स को आपस में जोड़ेगा। इससे न केवल यात्रियों की आवाजाही तेज होगी, बल्कि धार्मिक और आर्थिक केंद्रों के बीच की दूरी भी सिमट जाएगी, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास को एक नई दिशा मिलेगी।

32 लाख से अधिक नए रोजगार के अवसर

इस निर्माण कार्य से रोजगार के मोर्चे पर भी बड़ी खुशखबरी आई है। सरकार के अनुमान के अनुसार, 80 किमी लंबे इस एक्सेस-कंट्रोल्ड प्रोजेक्ट से लगभग 14.4 लाख मानव-दिवस का प्रत्यक्ष रोजगार और 17.9 लाख मानव-दिवस का अप्रत्यक्ष रोजगार पैदा होगा। इसके अलावा, हाईवे के आसपास बढ़ती आर्थिक गतिविधियों के कारण स्थानीय स्तर पर भी नौकरियों के हजारों नए अवसर पैदा होंगे।

Nishant Tiwari
निशांत तिवारीauthor

निशांत तिवारी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की सिटी टीम में कॉपी एडिटर हैं। शहरों से जुड़ी खबरों, स्थानीय मुद्दों और नागरिक सरोकार को समझने की उनकी गहरी दृष्टि उन्हें इस बीट का एक भरोसेमंद और प्रभावी कंटेंट राइटर बनाती है। वे जटिल लोकल इश्यूज को सहज, स्पष्ट और असरदार अंदाज में पेश करने में दक्ष हैं और अबतक 2,000 से अधिक न्यूज रिपोर्ट लिख चुके हैं। उनकी लेखन शैली शहर की नब्ज पकड़ते हुए ऐसे कंटेंट पर केंद्रित रहती है, जो सीधे पाठकों के जीवन और उनकी रोजमर्रा की चिंताओं से जुड़ा होता है।

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