शहर

शादी के 8 दिन बाद प्रेमी संग भागी दुल्हन... अब पति को याद आ रहे राजा रघुवंशी

उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में एक नवविवाहिता अपनी शादी के कुछ ही दिनों बाद अपने प्रेमी के साथ भाग गई। घटना के बाद उसके पति ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि शुक्र है उसका राजा रघुवंशी जैसा हश्र नहीं हुआ।

Image

शादी के कुछ ही दिनों बाद नवविवाहिता पने प्रेमी के साथ भाग गई।

बदायूं : उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में एक नवविवाहिता अपनी शादी के कुछ ही दिनों बाद अपने प्रेमी के साथ भाग गई। घटना के बाद उसके पति ने राहत की सांस लेते हुए कहा कि शुक्र है उसका राजा रघुवंशी जैसा हश्र नहीं हुआ। 20 वर्षीय युवती की शादी बिसौली थाना क्षेत्र के मौसमपुर गांव निवासी सुनील (23) से 17 मई को हुई थी। शादी के बाद नौ दिन ससुराल में रहने के बाद वह अपने मायके चली गई। लेकिन वापस लौटने के बजाय वह 10 दिन बाद अपने कथित प्रेमी (22) के साथ भाग गई। सुनील ने हाल ही में पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है।

बताया जाता है कि सोमवार को दुल्हन ने थाने में जाकर अधिकारियों और परिवार के सदस्यों के सामने कहा, "मैं अब अपने प्रेमी के साथ रहना चाहती हूं।" स्थानीय बिसौली पुलिस के अधिकारियों ने दोनों परिवारों के बीच समझौता कराया और आपसी सहमति से अलग होने का फैसला किया। शादी के दौरान उपहार में दिए गए आभूषण और घरेलू सामान वापस कर दिया गया।

उसे प्यार मिल गया है और मेरी जिंदगी बर्बाद नहीं हुई

एक अधिकारी के अनुसार, दोनों पक्षों ने कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की।पत्रकारों से बात करते हुए सुनील ने बताया कि मैंने उसे हनीमून के लिए नैनीताल ले जाने की योजना बनाई थी। लेकिन अगर वह अपने प्रेमी के साथ रहना चाहती है, तो मुझे खुशी होगी। कम से कम मुझे इस बात की खुशी है कि मेरा हाल राजा रघुवंशी जैसा नहीं हुआ। अब हम तीनों खुश हैं - उसे प्यार मिल गया है और मेरी जिंदगी बर्बाद नहीं हुई।"

8 दिन बाद प्रेमी के साथ भाग गई

थाने में मौजूद दूल्हे की भाभी राधा ने कहा कि वह हमारे साथ सिर्फ़ आठ दिन ही रही। उसके जाने के बाद, वह उसी गांव के अपने प्रेमी के साथ भाग गई। हमने सिर्फ़ अपने उपहार वापस मांगे, और अब मामला सुलझ गया है।"बिसौली थाना प्रभारी (एसएचओ) हरेंद्र सिंह ने समझौते की पुष्टि की और कहा कि दोनों पक्षों ने आपसी सहमति से समझौता कर लिया है।

समझौते के बाद दूल्हे का परिवार घर लौट गया

सिंह ने कहा,"दुल्हन ने ज़ोर देकर कहा कि वह अपने प्रेमी के साथ रहना चाहती है। सभी सामान का आदान-प्रदान और दस्तावेज़ तैयार होने के बाद, वह उसके साथ थाने से चली गई। दूल्हे का परिवार घर लौट आया। आगे कोई कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध नहीं किया गया है।" गौर हो कि इंदौर के एक व्यवसायी राजा रघुवंशी की 23 मई को मेघालय में हनीमून के दौरान हत्या कर दी गई थी। उसकी पत्नी सोनम, उसके कथित प्रेमी और तीन भाड़े के हत्यारों को बाद में हत्या की साजिश रचने और उसे अंजाम देने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। (भाषा)

Sanjeev Dubey
संजीव कुमार दुबेauthor

पत्रकारिता में मेरे सफर की शुरुआत 20 साल पहले हुई। 2002 अक्टूबर में टीवी की रुपहले दुनिया में दाखिल हुआ। शुरुआत टीवी की दुनिया के उस पहलू से हुई जहां हर खबर को उसके मुताबिक आकार दिया जाता है यानी उसे कसा जाता है। सहारा टीवी में मेरे कामकाज की शुरुआत पैकेजिंग से हुई जहां खबरों को अलग-अलग प्रारूपों में गढ़ने का काम होता है। फिर पीसीआर में आउटपुट एडिटर की भूमिका निभाने का मौका मिला जहां तुरंत निर्णय कर खबरों को ब्रेक करने की चुनौती रहती है। न्यूजरूम की गहमागमी के बीच रनडाउन तैयार करने की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाई। यहां ब्रेकिंग, हार्ड कोर की खबरों और फीचर्ड प्रोग्रामिंग ने मेरे अनुभव का दायरा तो बढ़ाया ही उसमें गहराई एवं पैनापन भी दिया। 2011 में टेलिविजन न्यूज की दुनिया को अलविदा कहना पड़ा। अक्टूबर 2011 में Zee News की हिंदी वेबसाइट को अपनी अगवुाई में लॉन्च करने का मौका मिला। डिजिटल की दुनिया और टीवी की दुनिया में खबरें परोसने और खबरों को दिखाने का अंदाज बिल्कुल अलग था। मैं उस दौर में दस्तक दे चुका था जब टीवी भी स्मार्टफोन पर देखा जाने लगा था। डिजिटल पर भी ब्रेकिंग थी। अगर टीवी में प्रोग्रामिंग थी तो यहां भी बतौर फीचर, सॉफ्ट स्टोरीज का विशाल संसार था। एक नया मीडियम जो स्मार्टफोन पर बखूबी देखा और समझा जा सकता था। डिजिटल की इस दुनिया में टीवी और अखबार दोनों समाहित थे। यहां काम करते हुए डिजिटल न्यूज मीडिया की बारीकियां तो सीखी हीं। साथ ही जब जी न्यूज से विदाई ली तो उस समय 33 मिलियन यूजर्स के बीच 84 मिलियन पीवीज देखने की अपार खुशियां हासिल हुईं। जी न्यूज में एक लंबी पारी खेलने के बाद जुलाई 2017 में टाइम्स नाउ नेटवर्क से जुड़ने का अवसर मिला। 2017 में ही टाइम्स नाउ की हिंदी वेबसाइट की शुरुआत हुई। यह पहला मौका था जब टाइम्स नाउ की अगुवाई में कोई हिंदी न्यूज वेबसाइट लॉन्च हुई। यहां एक नई और युवा टीम बनी। यह टीम आक्रामक अंदाज में काम करते हुए कम समय में अपनी पहचान बनाई। डिजिटल की दुनिया के बदलते संसार में अब चुनौती पीवीज की नहीं बल्कि यूजर्स की थी, जिन्हें लाना इतना आसान नहीं थी। लेकिन टीम के जज्बे, हौसले ने असाधारण चुनौतियों को भी अपनी मेहनत एवं लगन से उसे सामान्य बनाया। डिजिटल न्यूज की दुनिया में हर पल चुनौतियों के बीच नया कुछ सीखने-समझने और कुछ कर गुजरने की प्रेरणा मिलती है। यह सिलसिला आज भी अनवरत जारी है-

और पढ़ें
End of Article