NEET Re-Exam 2026: देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा 'नीट यूजी 2026' को लेकर हाल ही में हुए विवादों के बाद आज राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने दोबारा परीक्षा आयोजित की। लखीसराय जिले (Lakhisarai Crime) में भी इस पुनर्परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद दिखा। जिले में कुल चार परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जहां लगभग एक हजार परीक्षार्थियों ने डॉक्टर बनने की अपनी रेस में दोबारा हिस्सा लिया।
दोपहर 2 बजे से शाम 5:15 बजे तक चली इस परीक्षा में सुरक्षा के ऐसे इंतजाम थे कि परिंदा भी पर न मार सके। केंद्रों पर जैमर लगाए गए थे ताकि कोई मोबाइल नेटवर्क काम न करे, साथ ही हर कोने पर सीसीटीवी से नजर रखी जा रही थी। छात्रों को अंदर भेजने से पहले मेटल डिटेक्टर से सघन तलाशी ली गई और बायोमेट्रिक जांच (सत्यापन) अनिवार्य किया गया। इसी कड़े सत्यापन का नतीजा रहा कि परीक्षा शुरू होने से पहले ही 9 संदिग्ध अभ्यर्थियों को पकड़ लिया गया, जिनके दस्तावेजों या बायोमेट्रिक में गड़बड़ी की आशंका है।
डीएम और एसपी ने सभी परीक्षा केंद्रों का लिया जायजा
मामले की गंभीरता को देखते हुए खुद जिले के डीएम शैलेंद्र कुमार और एसपी प्रेरणा कुमार ने भारी पुलिस बल के साथ सभी परीक्षा केंद्रों का जायजा लिया। संदिग्धों के पकड़े जाने पर डीएम शैलेंद्र कुमार ने साफ कहा, "प्रशासन परीक्षा को पूरी तरह साफ-सुथरा रखने के लिए प्रतिबद्ध है। सत्यापन के दौरान 9 संदिग्ध लोग पकड़े गए हैं, जिनकी गहन जांच चल रही है और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।"
अपनी साख बचाने जैसी थी NTA के लिए यह परीक्षा
वहीं, एसपी प्रेरणा कुमार ने सुरक्षा व्यवस्था पर भरोसा जताते हुए कहा कि पुलिस बल हर केंद्र पर तैनात है और किसी भी तरह की धांधली या कानून तोड़ने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालिया पेपर लीक के आरोपों के बाद NTA के लिए यह परीक्षा अपनी साख बचाने जैसी थी, और लखीसराय प्रशासन के दावों के मुताबिक, कुछ संदिग्धों के पकड़े जाने के अलावा पूरी परीक्षा शांतिपूर्ण और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो गई है।
