शहर

NEET Paper Leak Case : मनीषा वाघमारे की जमानत याचिका खारिज, यश यादव पर CBI से जवाब तलब; 12 जून को होगी सुनवाई

NEET Paper Leak Case : वकील ने दलील दी कि मनीषा के खाते में ऐसा कुछ भी आपत्तिजनक (इंक्रीमिनेटिंग) नहीं है, जिसके आधार पर उन्हें जेल में रखा जाए।

Image

कोर्ट (सांकेतिक फोटो-Istock)

NEET Paper Leak Case : नीट पेपर लीक मामले में दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने आज दो अलग-अलग याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए बेहद कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने जहाँ इस मामले की मुख्य आरोपियों में से एक मनीषा वाघमारे की नियमित जमानत याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उनके खिलाफ गंभीर आरोप हैं, वहीं दूसरी तरफ पेपर बांटने के आरोपी यश यादव की अंतरिम जमानत अर्जी पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।

मनीषा वाघमारे की दलीलें कोर्ट ने कीं नामंजूर

सुनवाई के दौरान आरोपी मनीषा वाघमारे के वकील ने कोर्ट में उन्हें निर्दोष साबित करने के लिए कई तर्क रखे। बचाव पक्ष के वकील ने कहा कि मनीषा एक सर्टिफाइड एजुकेशन काउंसलर हैं और उनके बैंक खाते में जो भी रकम आई है, वह काउंसलिंग की फीस है। CBI जिस एक संदिग्ध एंट्री (करीब 3.50 लाख रुपये) की बात कर रही है, वह दरअसल एक पैतृक संपत्ति (Ancestral Property) की गिफ्ट डीड से मिली राशि है। उनके घर पर दो बार सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन कोई कैश बरामद नहीं हुआ। ऐसे में उन्हें जेल में रखने का कोई ठोस आधार नहीं है।

CBI का तीखा पलटवार:

CBI के सरकारी वकील ने जमानत का पुरजोर विरोध करते हुए कोर्ट को बताया कि मनीषा खुद को केवल एजुकेटर बता रही हैं, जबकि वह एक ब्यूटी पार्लर भी चलाती हैं। CBI ने आरोप लगाया कि मनीषा ने ही फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी के सवाल 'लोखंडे' नामक शख्स को दिए थे, जो बाद में शुभम नाम के आरोपी तक पहुंचे। मनीषा बच्चों को पैसों के बदले पेपर के सवाल लीक किया करती थीं। CBI के पास उन छात्रों के पुख्ता बयान दर्ज हैं, जिन्होंने मनीषा वाघमारे को इस काम के लिए मोटी रकम देने की बात स्वीकार की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने मनीषा वाघमारे को राहत देने से साफ इनकार कर दिया और उनकी नियमित जमानत याचिका खारिज कर दी।

यश यादव की अंतरिम जमानत पर 12 जून को होगा फैसला

इसी मामले से जुड़े एक अन्य आरोपी यश यादव ने कोर्ट से 15 दिनों की अंतरिम जमानत देने की गुहार लगाई है। यश यादव पर NEET परीक्षा से जुड़े लीक पेपर को आगे बांटने (सर्कुलेट करने) का आरोप है। आरोपी ने दलील दी है कि आगामी 21 जून को होने वाली NET (National Eligibility Test) की परीक्षा में उसे शामिल होना है। उसे अपनी सगी बहन की शादी में शामिल होने के लिए मानवीय आधार पर राहत चाहिए।

कोर्ट का क्या है रुख?

राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने यश यादव की इस अर्जी को खारिज न करते हुए इस पर CBI से जवाब तलब किया है। कोर्ट अब इस मामले की अगली सुनवाई 12 जून को करेगा, जिसमें CBI के जवाब के आधार पर तय होगा कि यश यादव को परीक्षा और शादी में शामिल होने के लिए 15 दिनों की अंतरिम राहत मिलेगी या नहीं।

Pushpendra kumar
पुष्पेंद्र कुमारauthor

पुष्पेंद्र कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में चीफ कॉपी एडिटर के रूप में सिटी डेस्क पर कार्यरत हैं। जर्नलिज्म में मास्टर्स डिग्री हासिल करने के बाद से वे पिछले 7 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता में जुड़े हैं। इस दौरान उन्होंने 10,000 से अधिक खबरें लिखी हैं। पुष्पेंद्र हाइपर-लोकल मुद्दों, रेलवे, रोड, इंफ्रास्ट्रक्चर, डेवलपमेंट, कृषि और मौसम से जुड़ी खबरों पर गहरी पकड़ रखते हैं। शहर से लेकर गांव-देहात तक की संवेदनशीलताओं को समझते हुए वे लोकल खबरों को ऐसा रूप देते हैं जो न केवल तथ्यपूर्ण होता है, बल्कि पाठकों से भावनात्मक रूप से भी जुड़ता है।

और पढ़ें
End of Article