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ग्रेटर नोएडा हादसा: मौत के जलकुंड से आखिर निकाली गई युवराज की कार, कुछ ऐसा था मंजर

16-17 जनवरी की दरमियानी रात को हुई दुर्घटना के बाद एनडीआरएफ की टीमों ने ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 स्थित निर्माण स्थल पर पानी से भरे गड्ढे से मृतक युवराज मेहता की कार को निकाल लिया है।

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पानी से भरे गड्डे से निकाली गई युवराज की कार

Photo : ANI

Yuvraj Mehta Death: ग्रेटर नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के मामले में पानी से भरे गहरे गड्ढे से मृतक युवराज मेहता की कार को आखिर निकाल लिया गया है। 16-17 जनवरी की दरमियानी रात को हुई दुर्घटना के बाद एनडीआरएफ की टीमों ने ग्रेटर नोएडा के सेक्टर 150 स्थित निर्माण स्थल पर पानी से भरे गड्ढे से मृतक युवराज मेहता की कार को निकाल लिया है। पुलिस को करीब 3-4 दिनों के बाद कार को निकालने में सफलता मिली है।

बिल्डर अभय कुमार गिरफ्तार

वहीं, ग्रेटर नोएडा पुलिस ने मंगलवार को नोएडा के एक टेक इंजीनियर की मौत के मामले में बिल्डर अभय कुमार को गिरफ्तार किया। आरोपी का नाम केस में शामिल था। कुमार को नॉलेज पार्क पुलिस स्टेशन की टीम ने हिरासत में लिया है। अभय कुमार नॉलेज पार्क इलाके में स्थित एक रियल एस्टेट प्रोजेक्ट MZ विस्टाउन के मालिक हैं। यह गिरफ्तारी इंजीनियर की मौत से जुड़े मामले में चल रही जांच के तहत हुई है।

एसआईटी ने घटना की जांच शुरू की

उत्तर प्रदेश के नोएडा में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर की मौत के मामले की जांच के लिए गठित की गई तीन सदस्यीय विशेष जांच टीम ने मंगलवार से अपनी जांच शुरू कर दी। मेरठ जोन के अपर पुलिस महानिदेशक (एडीजी) भानु भास्कर के नेतृत्व में तीन सदस्यीय टीम ने मामले की जांच शुरू की है। एडीजी भानु भास्कर, मेरठ के मंडलायुक्त भानु चंद्र गोस्वामी और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के मुख्य अभियंता अजय वर्मा दोपहर करीब 12 बजे सबसे पहले नोएडा विकास प्राधिकरण के दफ्तर पहुंचे, यहां से मामले की जांच शुरू की। जांच समिति के सदस्यों ने मृतक के परिजनों से भी मुलाकात की।

इस मामले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मामले का खुद संज्ञान लेते हुए घटना की विस्तृत जांच के लिए विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया है। इस SIT का नेतृत्व मेरठ के डिविजनल कमिश्नर कर रहे हैं। SIT को पांच दिनों के अंदर जांच पूरी कर अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। इसी के साथ टीम बनने के बाद से नोएडा अथॉरिटी के मुख्य कार्यपालक अधिकारी (CEO) लोकेश एम को उनके पद से हटा दिया गया।

गुरुग्राम की कंपनी में काम करते थे युवराज

युवराज मेहता गुरुग्राम स्थित एक कंपनी में सॉफ्टवेयर इंजीनियर के तौर पर काम करते थे और हाइब्रिड वर्क शेड्यूल फॉलो करते थे, ज्यादातर घर से काम करते थे और हफ्ते में दो बार ऑफिस जाते थे। शुक्रवार को वह ऑफिस गए थे और देर रात घने कोहरे के बीच घर लौट रहे थे। वह अपने पिता के साथ टाटा यूरेका पार्क में रहते थे। उनकी मां का दो साल पहले निधन हो गया था। युवराज परिवार के अकेले कमाने वाले सदस्य थे। उनकी बड़ी बहन शादीशुदा है और UK में रहती है।

Amit Mandal
अमित कुमार मंडलauthor

अमित मंडल टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में न्यूज डेस्क पर Assistant Editor के रूप में काम कर रहे हैं। प्रिंट, टीवी और डिजिटल—तीनों माध्यमों में कुल मिलाकर 15 सालों से अधिक का अनुभव उन्हें खबरों को देखने की व्यापक दृष्टि देता है। ब्रेकिंग न्यूज, लाइव ब्लॉग, स्पेशल स्टोरीज और एक्सप्लेनेर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। एंगल चुनने की कला, खबरों की गति को समझना और समय पर सही जानकारी पहुंचाना—ये उनकी सबसे बड़ी खूबियां हैं। अमित अपने करियर में करीब 20 हजार से अधिक न्यूज आर्टिकल, एनालिसिस और एक्सप्लेनर पब्लिश कर चुके हैं।

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