दिल्ली : दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू ने शुक्रवार को दिल्ली पुलिस आयुक्त अनुराग कुमार और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक में मौजूदा मानसून ऋतु, कांवड़ यात्रा और स्वतंत्रता दिवस की तैयारियों के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में यातायात प्रबंधन, नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई और सुरक्षा व्यवस्था का विस्तृत आकलन किया गया।
2,321 एफआईआर दर्ज
यातायात नियमों के उल्लंघन पर कड़ा रुख अपनाते हुए उपराज्यपाल ने सोशल मीडिया मंच ’एक्स’ के माध्यम से जानकारी दी कि राष्ट्रीय राजधानी में गलत दिशा में गाड़ी चलाने के खिलाफ कार्रवाई में 113 प्रतिशत की भारी वृद्धि दर्ज की गई है। इस दौरान पुलिस ने इस गंभीर उल्लंघन के संबंध में 2,321 प्राथमिकियां (FIR) दर्ज की हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यातायात नियमों और अनधिकृत पार्किंग के खिलाफ यह अभियान आगे भी तेजी से जारी रहेगा।
वाटरलॉगिंग सेंसिटिव क्षेत्रों पर सतर्कता
शहरी बुनियादी ढांचे और जल निकासी के मोर्चे पर राहत भरी खबर देते हुए उपराज्यपाल ने बताया कि शहर में जलभराव के प्रति संवेदनशील (वाटरलॉगिंग सेंसिटिव) क्षेत्रों की संख्या 169 से घटकर अब मात्र 65 रह गई है। इसके अलावा, 'प्रोजेक्ट संगम' ने स्थानीय यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए नागरिक भागीदारी को काफी मजबूत किया है।
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बैठक के अंत में उपराज्यपाल ने जोर देकर कहा कि सड़कों पर जाम की समस्या, नियमों के उल्लंघन और अतिक्रमण से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सड़कों पर पुलिस कर्मियों की सक्रिय मौजूदगी और सामुदायिक सहभागिता का होना बेहद जरूरी है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में कुशल और सुगम यातायात प्रबंधन सुनिश्चित करने में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
