Nashik TCS Case: महाराष्ट्र के नासिक जिले में टाटा कंसल्टेंसी सर्विस (TCS) से जुड़े कथित धर्मांतरण मामले में एचआर मैनेजर निदा खान को अदालत से राहत नहीं मिली है। उनकी अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया गया, साथ ही कोर्ट ने अंतरिम राहत देने से भी इनकार कर दिया। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के वकील ने अदालत को बताया कि निदा खान गर्भवती हैं और उनकी स्वास्थ्य स्थिति को ध्यान में रखते हुए जमानत दी जानी चाहिए। हालांकि, सरकारी पक्ष ने इस दलील का कड़ा विरोध किया और जमानत न देने की मांग की, जिसके बाद अदालत ने याचिका खारिज करने का फैसला सुनाया।
मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को निर्धारित
नासिक रोड कोर्ट में इस मामले की सुनवाई जिला जज केजी जोशी की बेंच कर रही है। अदालत ने एचआर मैनेजर निदा खान की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 27 अप्रैल को निर्धारित की गई है। बताया जा रहा है कि नासिक स्थित टीसीएस कार्यालय से जुड़ा यह कथित धर्मांतरण मामला उस समय सामने आया, जब यहां काम करने वाली एक महिला कर्मचारी ने अपने सहकर्मी दानिश शेख पर गंभीर आरोप लगाए।दानिश शेख की बहन बताया
महिला का कहना है कि दानिश ने वर्ष 2022 में शादी का झूठा वादा कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए, जबकि वह पहले से ही विवाहित था। पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, निदा खान को दानिश शेख की बहन बताया गया है। जांच के दौरान यह भी आरोप सामने आए कि निदा खान ने शिकायतकर्ता महिला के धर्म को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां कीं और उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाने की कोशिश की।
फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच की घटनाएं
टीसीएस में यह मामला उजागर होने के बाद पुलिस ने तेजी से जांच शुरू की, जिसमें सात अन्य महिलाएं भी सामने आईं। इन महिलाओं ने आरोप लगाया कि उनके वरिष्ठ सहकर्मियों ने उनके साथ मानसिक और यौन उत्पीड़न किया। उन्होंने यह भी बताया कि उन्होंने इसकी शिकायत एचआर विभाग में की थी, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये कथित घटनाएं फरवरी 2022 से मार्च 2026 के बीच की हैं।
