परियोजना पूरी होने पर लोग सात घंटे में ही नागपुर से मुंबई पहुंच जाएंगे। एक्सप्रेस-वे का निर्माण 55 हजार करोड़ रुपए से किया जा रहा है। एक्सप्रेस-वे 10 जिलों से होकर गुजरेगा। इसे देश का सबसे हाईटेक एक्सप्रेस-वे बताया जा रहा है। इस सड़क पर जगह-जगह ईवी चार्जिंग स्टेशन समेत कई सुविधाएं रहेंगी।
अगले साल पूरा हो जाएगा निर्माण
एक्सप्रेस-वे पर टनल लाइटिंग, बेहतर स्ट्रीट लाइट, डिजिटल साइनेज लगा होगा। एक्सप्रेस-वे को अत्याधुनिक तरीके से बनाया जा रहा है। इसका निर्माण कर रही कंपनी का कहना है कि सड़क बनाने का काम दिन-रात चल रहा है। इसका निर्माण अगले साल पूरा होने की उम्मीद है। यह देश के सबसे लंबे एक्सप्रेस-वे में से एक होगा। इसे दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से भी जोड़ा जाना है। इसके अतिरिक्त इसे जवाहर लाल नेहरू पोर्ट ट्रस्ट, अजंता-एलोरा की गुफाएं, शिर्डी और लोनार से भी जोड़ा जाना है। इन पर्यटन स्थलों पर आने वाले लोगों को इससे काफी सहूलियत होगी। एक्सप्रेस-वे की गति सीमा 150 किलोमीटर प्रति घंटा होगा। इसे इतनी ही स्पीड के हिसाब से डिजाइन किया गया है। मुंबई से औरंगाबाद तक चार घंटे में ही दूरी तय हो जाएगी।एनएच पर 120 होती है गति सीमा
अभी कारों के लिए नेशनल हाईवे (हाईवे) पर गति सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटे है। एक्सप्रेस-वे पर 120 किलोमीटर प्रति घंटे है। इसके अतिरिक्त मुंबई-पुणे एक्सप्रेस-वे पर गति सीमा 100 किलोमीटर प्रति घंटा है। एक्सप्रेस-वे हल्के वाहनों के लिए 120 किलोमीटर प्रति घंटे की गति सीमा से डिजाइन हुआ है।
