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मुंबई एयरपोर्ट पर पोस्ट-मानसून रनवे मेंटेनेंस पूरा, रनवे की पूरी तकनीकी जांच पूरी

मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने मंगलवार को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित छह घंटे की बंदी के दौरान अपना वार्षिक पोस्ट-मानसून रनवे मेंटेनेंस पूरा किया। हर साल मानसून के बाद होने वाला यह व्यापक निरीक्षण और रिपेयर वर्क एयरफील्ड की दीर्घकालिक मजबूती और फुल-सेफ्टी ऑपरेशंस सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है।

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मुम्बई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर आजअपना सालाना पोस्ट-मॉनसून रनवे सफलतापूर्वक पूरा किया।(फोटो सोर्स: टाइम्स नाउ डिजिटल)

Photo : टाइम्स नाउ डिजिटल

मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट ने मंगलवार को सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक निर्धारित छह घंटे की बंदी के दौरान अपना वार्षिक पोस्ट-मानसून रनवे मेंटेनेंस पूरा किया। हर साल मानसून के बाद होने वाला यह व्यापक निरीक्षण और रिपेयर वर्क एयरफील्ड की मजबूती और फुल-सेफ्टी ऑपरेशंस सुनिश्चित करने के लिए किया जाता है।

इस अवधि में एयरपोर्ट के दोनों प्रमुख रनवे—09/27 और 14/32—पूरी तरह बंद रहे।

इंजीनियरिंग टीमों, एयरोनॉटिकल विशेषज्ञों और सुरक्षा अधिकारियों ने मिलकर रनवे की सतह से लेकर उसकी लाइटिंग सिस्टम तक सभी महत्वपूर्ण हिस्सों का तकनीकी परीक्षण और मेंटेनेंस किया।

मेंटेनेंस शेड्यूल के तहत रनवे की पूरी सतह का माइक्रो-लेवल निरीक्षण किया गया, ताकि किसी भी तरह की दरार, सर्फेस वियर या तकनीकी कमी का पता लगाया जा सके। जरूरत पड़ने पर तत्काल रिपेयर भी किया गया। इसी के साथ रनवे के इंटरसेक्शन एरिया की नई पेंटिंग की गई, ताकि पायलटों को विजुअल गाइडेंस और क्लैरिटी बेहतर मिल सके। रनवे पर जमा रबर हटाने का काम भी प्रमुख रहा—यह रबर विमान के टायरों से लैंडिंग के समय जमा हो जाता है और समय-समय पर इसकी सफाई ऑपरेशनल सेफ्टी के लिए जरूरी होती है।

AGL सिस्टम और नेविगेशन सपोर्ट की विस्तृत टेस्टिंग

एयरफील्ड ग्राउंड लाइटिंग (AGL) सिस्टम—जिसके बिना रात या कम विजिबिलिटी में विमान संचालन संभव नहीं—का व्यापक निरीक्षण किया गया। इसमें सेंटर लाइन लाइट्स, एज लाइट्स और टैक्सीवे लाइट्स सभी शामिल थीं।

रनवे एंड सेफ्टी एरिया (RESA) का भी वैलिडेशन किया गया, जिसका उद्देश्य गौण लेकिन बेहद अहम सुरक्षा उपायों को मजबूत करना है। मेंटेनेंस टीमों ने 5,000 से अधिक एरोनॉटिकल ग्राउंड लाइट्स की कार्यक्षमता की जांच की और नेविगेशन एवं कम्युनिकेशन सपोर्ट सिस्टम्स की टेस्टिंग की, ताकि उड़ान संचालन में कोई व्यवधान न आए।

केबल डक्ट और मैनहोल की सफाई भी शामिल

रनवे के नीचे और आसपास मौजूद केबल डक्ट और मैनहोल की सफाई और वॉटर-लॉगिंग चेक भी किया गया। मानसून के बाद इन स्थानों में नमी या गंदगी जमा होना सामान्य है, जिसे समय रहते हटाना आवश्यक होता है।

ऑपरेशनल एक्सीलेंस को बनाए रखने की कोशिश

एयरपोर्ट प्रबंधन का कहना है कि पोस्ट-मानसून मेंटेनेंस न सिर्फ टेक्निकल कंप्लायंस का हिस्सा है, बल्कि यह सुनिश्चित करता है कि मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट सालभर सुरक्षा मानकों और ऑपरेशनल दक्षता में देश के अग्रणी हवाई अड्डों में शामिल रहे। प्रबंधन ने बताया कि मेंटेनेंस के दौरान फ्लाइट ऑपरेशंस पहले से प्लानिंग के मुताबिक री-शेड्यूल किए गए, जिससे यात्रियों को न्यूनतम असुविधा हो।

एयरपोर्ट अधिकारियों का कहना है, “रनवे मेंटेनेंस हमारी उच्च-स्तरीय सुरक्षा नीति का एक अनिवार्य हिस्सा है। मानसून के बाद यह प्रक्रिया हमारे एयरफील्ड को अंतरराष्ट्रीय मानकों पर बनाए रखने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।”

atul. Singh
अतुल सिंहauthor

मैं अतुल सिंह,मैं 14 वर्षों से अधिक समय से टीवी पत्रकारिता में विभिन्न क्षेत्रों को खबरों को कवर करने वाला अनुभवी पत्रकार हूं। वर्तमान में Times Now नवभारत के लिए principal correspondent हूं। मैंने इंडिया टीवी, ज़ी न्यूज़,IBN 7 (न्यूज़ 18),Lemon न्यूज़ जैसे प्रमुख मीडिया संगठनों के साथ भी काम किया है। मनोरंजन,नागरिक मुद्दे ,इंफ्रा,राजनीति,आम और विधानसभा चुनाव और अपराध जैसे विषयों को बखूबी कवर किया है। वर्तमान में मुम्बई ब्यूरो से जुड़ा हुआ हूं। कई राष्ट्रीय मुद्दों से जुड़े कई विशेष खबरें भी कवर किया है।

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