Mumbai News: मुंबई के उपनगर वसई-विरार में गर्मी का कहर बरसने लगा है। बढ़ते तापमान और उमस भरी गर्मी से लोग परेशान होने लगे हैं। भीषण गर्मी को झेल रहे लोगों को बिजली और पानी की कमी से भी जूझना पड़ रहा है। शहर में एक तरफ लोग बढ़ते तापमान से परेशान है तो वहीं दूसरी तरफ बिजली कटौती एक बड़ी समस्या बन गई है। इसके अलावा कई क्षेत्रों में पानी की किल्लत भी बढ़ने लगी है। बता दें कि वसई-विरार में पिछले एक सप्ताह से पारा 38-39 तक पहुंच गया है।
बिजली की कटौती
वसई-विरार में लोग गर्मी से परेशान होने लगे हैं। गर्मी के मौसम में एसी, फैन और कूलर के सहारे लोग राहत पाते हैं, लेकिन बिजली की कटौती के कारण लोगों का जीना मुहाल हो गया है। ऐसे में लोग पानी की कमी से भी जूझ रहे हैं। जानकारी के अनुसार, पिछले सप्ताह शहर के कई क्षेत्रों में बिजली की कटौती की गई, जिसके चलते लोगों के लिए गर्मी झेलना मुश्किल होता जा रहा है।
पानी हुआ महंगा
बिजली की कटौती के अलावा लोग पानी की महंगाई से जूझ रहे हैं। अन्य दिनों के मुकाबले गर्मी के समय में दैनिक जीवन में पानी की खपत बढ़ जाती है। इस बीच पानी महंगा होना लोगों के लिए मुसीबत से कम नहीं है। तापमान के बढ़ते ही टैंकर माफिया व मिनरल वाटर बेचने वाले लोग सक्रिय हो गए हैं। बढ़ती गर्मी का लाभ उठाते हुए इन लोगों ने पानी को महंगी दरों पर बेचना शुरू कर दिया है, जिसके चलते लोग बूंद-बूंद के लिए तरसने लगे हैं।
पानी की कमी पर जलापूर्ति विभाग ने जानकारी देते हुए बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की कमी को पूरा करने के लिए टैंकरों को भेजा जा रहा है, जबकि लोगों का कहना है कि टैंकरों से भी उन्हें अधिक दरों पर पानी खरीदना पड़ रहा है। जलापूर्ति विभाग के अधिकारी सुरेंद्र ठाकरे ने कहा कि "गर्मी की फायदा उठाकर पानी का अधिक पैसा लेना सरासर गलत है। हमने कुछ ग्रामीण भागों में मुफ्त में टैंकरों से पानी की सप्लाई शुरू कर दी है।" बता दें कि ये पहली बार नहीं है कि वसई-विरार में लोगों को पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। हर साल गर्मी की शुरुआत के साथ ही पानी की किल्लत भी शुरू हो जाती है।
इन इलाकों में बढ़ी पानी की किल्लत
कामन, पारोल, पेल्हार, वाघरल पाडा, बेलकडी, मोरी, बाफना, जुचंद्र, वाकन पाडा, कनेर, सातीवली, गड़गा पाडा, विरार फाटा, चिंचोटी, ससुनवघर, मालजी पाडा, रिचर्ड कंपाउंड, धानिवबाग, जैसे कई स्लम एरिया में रह रहे लोगों का पानी की किल्लत का सामना करना पड़ रहा है। इतना ही नहीं महंगी दरों पर टैंकर का पानी मंगाना इन लोगों के लिए मुश्किल होता जा रहा है। पानी की कमी से जूझ रहे इन क्षेत्रों के लोगों दूर-दूर से पानी लाकर अपनी प्यास बूझानी पड़ रही है।
