Paper Town: टाउन शब्द सुनते ही हमारे दिमाग में एक अच्छी-खासी और विकसित शहर की छवि बन जाती है। टाउन में हर तरह की सुख-सुविधाएं मिलती हैं। किसी भी टाउन में गांव की अपेक्षा कोई भी चीज जल्दी मिल जाती है, लेकिन क्या आपने किसी ऐसे टाउन के बारे में सुना है, जहां कोई लोग नहीं रहते, जहां किसी तरह की कोई सुविधा नहीं होती, जहां न कोई सरकार होती और न कोई सिस्टम। अगर आपने ऐसे टाउन के बारे में नहीं सुना है तो हम आपको बताने जा रहे हैं इस टाउन के बारे में। इस टाउन को पेपर टाउन कहते हैं। अब सवाल है कि ये पेपर टाउन क्या होता है, तो चलिए इसका जवाब देते हैं।
पेपर टाउन।
क्या होता है पेपर टाउन?
दरअसल, पेपर टाउन असल लाइफ में नहीं होता है। पेपर टाउन सिर्फ मैप पर बनाया जाता है। इसलिए, उसका रियल लाइफ में कहीं अस्तित्व नहीं होता है। हालांकि, पेपर टाउन जब बनाया जाता है, तब वह आपको किसी अन्य शहर की तरह ही दिखेगा। जैसे किसी शहर में सड़क, गलियां, चौराहे होते हैं, ठीक इसी तरह पेपर टाउन में भी ये सब चीजें बनाई जाती हैं, लेकिन अंतर बस इतना है कि पेपर टाउन में बनाई गई चीजें असल जीवन में कहीं नहीं होता है। अब सवाल आता है कि ऐसा क्यों होता है।
क्यों बनाए जाते पेपर टाउन?
पेपर टाउन क्या है, यह जानने के बाद आपके मन में सवाल उठ रहा होगा कि आखिर इसे क्यों बनाया जाता है, तो आपको बता दें कि पेपर टाउन मैप बनाने वाली कंपनियां नकल को पकड़ने के लिए इसे बनाती है। दरअसल, मैप बनाने वाली कंपनी जब पेपर टाउन बनाती है, तो वह नक्शे पर नकली टाउन बना देती है, ताकि कभी भी उससे उस नक्शे को पहचाना जा सके कि उसे किस कंपनी ने तैयार किया है। बता दें कि पेपर टाउन को फेक सिटी भी कहते हैं।
पेपर टाउन में क्या सब होता?
जैसा कि ऊपर ही आपको बताया गया कि पेपर टाउन का असल जिंदगी से कोई वास्ता नहीं होता है, तो इसमें कुछ भी दिखा दिया जाता है। इसमें अधिकतर ऐसी सड़क बनाई जाती है, जो रियल में कहीं नहीं होती। अक्सर ऐसा होता है कि पेपर टाउन में किसी सड़क को काफी संकरी बता दिया जाता है, जबकि असल में वह काफी चौड़ी होती है। इसके अलावा पेपर टाउन में नकली झील, पहाड़, नदियां... ये सब भी बना दिए जाते हैं। साधारण शब्दों में समझे तो पेपर टाउन का अर्थ पेपर पर बना हुआ नकली टाउन है।
