Maharashtra: गढ़चिरौली में पुलिस को बड़ी कामयाबी; 11 माओवादियों ने किया महानिदेशक के सामने सरेंडर
- Reported by: अतुल सिंहEdited by: Nilesh Dwivedi
- Updated Dec 10, 2025, 01:51 PM IST
महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में माओवादी गतिविधियों पर बड़ा प्रहार हुआ है, जहां 11 माओवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया। संयुक्त सुरक्षा अभियानों के चलते वर्ष 2025 में हथियार डालने वालों की संख्या 100 से पार पहुंच गई है। लगातार सरेंडर की इन घटनाओं ने दंडकारण्य क्षेत्र में माओवादी संगठन की जड़ें हिला दी हैं और आंदोलन लगभग समाप्ति की कगार पर है।
गढ़चिरौली में 11 माओवादियों ने किया सरेंडर
Gadchiroli Maoist Surrender 2025: महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले में माओवादी गतिविधियों को बड़ा धक्का लगा है। आज कुल 11 माओवादियों ने पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला के समक्ष आत्मसमर्पण किया। आत्मसमर्पण करने वालों में 2 DVCM, 3 PPCM, 2 ACM और 4 सदस्य रैंक के माओवादी शामिल हैं। इन सभी पर राज्य सरकार और केंद्र सरकार की ओर से मिलाकर कुल 82 लाख रुपये का इनाम घोषित था। इनमें से 4 नक्सलियों ने अपनी वर्दी और हथियार भी पुलिस के हवाले कर दिए।
2025 में 112 माओवादी हथियार डाल चुके हैं
गढ़चिरौली पुलिस और CRPF की लगातार संयुक्त कार्रवाई के चलते वर्ष 2025 में अब तक 112 माओवादी हथियार डाल चुके हैं। पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (विशेष कार्रवाई) डॉ. शेरिंग दोरजे ने 9–10 दिसंबर 2025 को गढ़चिरौली का दो दिवसीय दौरा भी किया। वर्ष 2005 में लागू की गई आत्मसमर्पण नीति की बदौलत अब तक कुल 783 माओवादी मुख्यधारा में लौट चुके हैं।
माओवादी आंदोलन को बड़ा झटका
इससे पहले 1 जनवरी 2025 को दंडकारण्य SZC के सदस्य तारक्का सिदाम के साथ 10 अन्य माओवादियों ने भी आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद 15 अक्टूबर 2025 को CPI माओवादी के पोलित ब्यूरो और केंद्रीय समिति के सदस्य तथा संगठन के प्रवक्ता मल्लोजुला वेणुगोपाल राव, जिन्हें भूपति या सोनू के नाम से भी जाना जाता है, ने सरेंडर किया। इन महत्वपूर्ण घटनाओं से पूरे दंडकारण्य क्षेत्र में माओवादी संरचना पर गहरा असर पड़ा है और संगठन काफी कमजोर हुआ है। माना जा रहा है कि गढ़चिरौली जिला अब माओवादी आंदोलन के लगभग अंत की स्थिति में पहुंच चुका है।
प्रोजेक्ट उड़ान का विमोचन
पुलिस मुख्यालय के एकलव्य हॉल में आयोजित समारोह में पुलिस महानिदेशक ने C-60 और स्पेशल ऑपरेशन टीम के उन अधिकारियों और जवानों को सम्मानित किया, जिन्होंने बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में लहेरी के जंगलों में अभियान चलाकर 61 माओवादियों को 54 हथियारों के साथ आत्मसमर्पण करने के लिए प्रेरित किया। अपने संबोधन में डीजी ने बल के साहस और दक्षता की प्रशंसा करते हुए अपील की कि जंगलों में छिपे अन्य माओवादी भी हिंसा का मार्ग छोड़कर लोकतांत्रिक प्रणाली में शामिल हों। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार उन्हें सम्मानपूर्वक जीवन जीने का अवसर प्रदान करेगी। इसी अवसर पर, गढ़चिरौली पुलिस द्वारा नागरिक क्षेत्रों में संचालित सिविक एक्शन कार्यक्रमों को और प्रभावी बनाने के लिए तैयार की गई गाइडबुक ‘प्रोजेक्ट उड़ान – वाहन विकास के लिए सरकारी योजनाओं की मार्गदर्शिका’ का विमोचन पुलिस महानिदेशक रश्मि शुक्ला ने किया।