मुंबई

Maharashtra: बारिश से महाराष्ट्र हुआ पानी-पानी, इन जिलों के बच्चे नहीं जाएंगे स्कूल

Maharashtra Rainfall: महाराष्ट्र में भारी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। कई जिलों के स्कूल बंद करने के आदेश जारी किए गए हैं। भारी बारिश की चेतावनी के बीच रायगढ़ और विदर्भ में स्कूलों में भी अवकाश घोषित कर दिए गए हैं। कई जगहों पर लोगों को घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी गई है।

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महाराष्ट्र के कई जिलों में भारी बारिश।

Maharashtra News: भारी वर्षा की चेतावनी को देखते हुए प्रशासन ने विदर्भ क्षेत्र के नागपुर, भंडारा, गोंदिया, चंद्रपुर और गढ़चिरौली जिलों के साथ साथ महाराष्ट्र के तटीय क्षेत्र के रायगढ़ जिले की चार तहसीलों में सोमवार को स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सोमवार को नागपुर और विदर्भ क्षेत्र के जिलों के विभिन्न स्थानों में अत्यधिक भारी बारिश के पूर्वानुमान के साथ लोगों को बहुत जरूरी न होने की स्थिति में घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है।

सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित

शनिवार को सुबह नागपुर शहर और जिले के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हुई, जिससे निचले इलाके जलमग्न हो गए और वहां जन-जीवन प्रभावित हो गया। इस दौरान लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाना पड़ा। मुंबई के पड़ोसी रायगढ़ जिले में शनिवार और रविवार को भारी बारिश हुई, जिसके चलते जिलाधिकारी किशन जावले ने एक आदेश जारी कर सोमवार को माणगांव, कर्जत, पोलादपुर और महाड तहसीलों के सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया।

अधिकारियों को ‘हाई अलर्ट’ पर रहने के निर्देश

आदेश में शिक्षकों और अन्य गैर-शिक्षण कर्मचारियों से स्कूल पहुंचने और रायगढ़ जिले में पिछले कुछ दिनों से हो रही भारी बारिश के कारण आवश्यक राहत और बचाव कार्यों में प्रशासन की मदद करने को कहा गया है। मुंबई और कोंकण तटीय क्षेत्र सहित महाराष्ट्र के कई हिस्सों में भारी बारिश के बीच मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने रविवार को अधिकारियों को ‘हाई अलर्ट’ पर रहने के निर्देश दिए हैं।

यातायात में बदलाव किए जाने पर दिया जोर

CM शिंदे ने कहा कि राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल, स्थानीय प्रशासन, नगर निकाय, पुलिस आदि को मौसम विभाग से मौसम के बारे में नियमित जानकारी लेकर नागरिकों को राहत प्रदान करने के लिए उसके अनुसार योजना बनानी चाहिए। उन्होंने दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का सर्वेक्षण करने, बाढ़ नियंत्रण विधियों को अपनाने और आवश्यकतानुसार यातायात में बदलाव किए जाने पर जोर दिया।

Ayush Sinha
आयुष सिन्हाauthor

मैं टाइम्स नाउ नवभारत (Timesnowhindi.com) से जुड़ा हुआ हूं। कलम और कागज से लगाव तो बचपन से ही था, जो धीरे-धीरे आदत और जरूरत बन गई। मुख्य धारा की पत्रकारिता से जुड़े हुए 10 साल पूरे हो चुके हैं। लोकसभा चुनाव 2014 से पहले ही मैंने पत्रकारिता की पढ़ाई के बीच में ही देश की राजधानी दिल्ली आने की ठान ली थी। उससे पहले मैंने कभी ये सोचा तक नहीं था कि मैं बनारस बोले तो वाराणसी शहर से बाहर भी जा सकता हूं। जी हां, मेरा नाता काशी से है। जन्म के साथ-साथ शिक्षा दीक्षा भी बनारस में ही हुई। राष्ट्रपिता मोहनदास करमचंद गांधी (बापू) द्वारा स्थापित किए गए विश्वविद्यालय- 'महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ' से मैंने पत्रकारिता में स्नातक किया है। ग्रेजुएशन के दौरान ही विश्वविद्यालय के पत्रकारिता एवं जनसंचार विभाग के अध्यापकों ने बड़ी ही सख्ती से मेरी नक्काशी करने की कोशिश की। ग्रेजुएशन के आखिरी वर्ष आते-आते मैंने दिल्ली की ट्रेन पकड़ी और यहां पहुंच गया। आव देखा न ताव, दिल्ली NCR में बड़े-बड़े मीडिया समूहों के दफ्तरों के बाहर अपना बायोडेटा डाल कर प्रयास में जुट गया। काफी धैर्य के बाद ZEE मीडिया समूह से जुड़ने का मौका मिला। मेरे पत्रकारिता के सफर की शुरुआत टेलीविजन के इनपुट डिपार्टमेंट से हुई। यहां मैं असाइनमेंट डेस्क पर था। कुछ महीनों तक खुद को इस समूह के साथ जोड़े रखने के बाद वर्ष 2015 में मैंने प्रिंट मीडिया का रुख कर लिया और ALL RIGHTS नाम की मैगज़ीन के साथ जुड़ गया। बतौर विशेष संवाददाता (Special Correspondent) मेरे कंधों पर बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई थी। मैं उन दिनों देशभर के अलग-अलग लोकसभा क्षेत्र के सांसदों, केंद्रीय मंत्रियों और दिल्ली सरकार के विधायकों और मंत्रियों का साक्षात्कार करता था। मैगज़ीन के संपादकीय पृष्ठ के लिए मैं लेख भी लिखता था। राजनीतिक खबरों से लगाव होने के चलते मैंने इस बीट को ही अपना हमसाया बना लिया। मैगजीन के बाद फिर टेलीविजन का रुख किया और इसी साल दोबारा ज़ी मीडिया से जुड़ गया। यहां साढ़े 3 सालों तक काम करने के बाद मैंने डिजिटल मीडिया में कदम रखने की ठान ली। रिपब्लिक भारत की लॉन्चिंग से पहले मुझे इसकी वेबसाइट से जुड़ने का मौका मिला। रिपब्लिक से जुड़ने के साथ ही मैंने दिल्ली छोड़कर मुंबई का रुख कर लिया। समंदर किनारे बसे इस शहर में मैंने डिजिटल पत्रकारिता के गुर को सीखा। इस संस्थान में मुझे रिपोर्टर के तौर पर मौका दिया था। कुछ ही महीने बाद मैं वापस दिल्ली आ गया और मैंने न्यूज़ वर्ल्ड इंडिया में एसोसिएट प्रोड्यूसर और रिपोर्टर की भूमिका में काम किया। चंद महीने बाद ही ज़ी मीडिया समूह के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काम करने का अवसर मिला। ज़ी हिन्दुस्तान के लिए मैंने स्पेशल खबरों पर काम किया और इस समूह का पहला डिजिटल रिपोर्टर बन गया। इसके बाद मुझे वीडियो सेक्शन का हेड बना दिया गया। मैंने चुनावी कवरेज की, ग्राउंड रिपोर्टिंग की और साथ ही साथ वीडियो सेक्शन को नए शिखर पर पहुंचाने की कोशिश की। मैं कविताएं और किस्से-कहानियां भी लिखता रहता हूं। पढ़ाई के दौरान ही मैंने दो किताबें भी लिखी, एक नॉवेल और दूसरी पोएट्री बुक। पत्रकारिता में रहते हुए मैंने कई "स्टिंग ऑपरेशन" भी किए। मेरे सफर को और भी खूबसूरत बनाने के लिए टाइम्स समूह ने मुझे मौका दिया। मैं जुलाई, 2023 में इस संस्थान से जुड़ा और मुझे मेन डेस्क पर खबरों से दो-चार होते रहने की जिम्मेदारी सौंपी गई। राजनीतिक विश्लेषण के साथ विस्तार से खबरों को परोसता हूं और अपने पाठकों को कुछ नया देने का प्रयास करता हूं।

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