पश्चिमी घाट का सफर किसी भी इंसान के लिए जीवन भर की याद बन सकती है। और सह्याद्री के पहाड़ियों की खूबसूरती का आनंद लेने का सबसे अच्छा जरिया है, ट्रेन की यात्रा। मुंबई से किसी भी ट्रेन में बैठिए और दक्षिण की ओर निकल जाइए। लेकिन इसमें एक दिक्कत है। जब तक आप ये सफर केवल मजे के लिए करते हैं ये आपके जीवन की सबसे यादगार ट्रेन सफरों में से हो सकता है, लेकिन अगर आप गोवा या कर्नाटक के किसी हिस्से में काम से जा रहे हैं, तब इस खूबसूरती का असर फीका पड़ सकता है। इसका कारण है ट्रेन की यात्रा में लगने वाला समय। अब इस समस्या से यात्रियों को कुछ निजात दिलाने की उम्मीद दिखाई दी है रेलवे की एक योजना से।
12 घंटे में पहुंचेंगे मुंबई से मंगलुरु
भारतीय रेलवे वंदे भारत एक्सप्रेस को लेकर एक नई योजना बना रही है, जिसमें मौजूदा मुंबई-गोवा और मंगलुरु-गोवा के रूट को मिलाकर मुंबई और मंगलुरु को सीधे जोड़ा जाएगा। यह उम्मीद है कि यह योजना लागू हो जाने के बाद मुंबई से मंगलुरु का सफर घटकर 12 घंटे रह जाएगा। फिलहाल ट्रेन से इन दो शहरों के बीच सफर में 17 से 20 घंटे लगते हैं।
एक किए जाएंगे रूट
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, मुंबई सीएसएमटी-मडगांव वंदे भारत, जो फिलहाल मुंबई से सुबह 5:25 बजे रवाना होती है और दोपहर 1:10 बजे गोवा पहुंचती है, इसे मंगलुरु तक विस्तारित किया जाएगा। इसी तरह मंगलुरु-मडगांव वंदे भारत, जो सुबह 8:30 बजे मंगलुरु से रवाना होती है और दोपहर 1:10 बजे गोवा पहुंचती है, इसे मुंबई तक चलाया जाएगा। रात 9 बजे तक ये मुंबई पहुंचेगी। हालांकि, ये बात भी कही जा रही है कि मुम्बई के स्टेशनों पर शाम के समय प्लेटफॉर्म पर भीड़भाड़ के कारण समय-निर्धारण में कठिनाई हो सकती है, क्योंकि कई लंबी दूरी की ट्रेनें एक साथ आती हैं।
मांग बढ़ने की उम्मीद
पहले मुंबई-गोवा वंदे भारत ट्रेन में लगभग 90% सीटें भरी हुई रहती थीं, जो अब घटकर लगभग 70% रह गई हैं। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि दोनों सेवाओं को एक बनाकर मुंबई-मंगलुरु रूट पर जोड़ने से ट्रेन के यात्रियों की संख्या में भी बढ़ोत्तरी होगी
