मुंबई

क्या मीठी नदी घोटाले मामले में डिनो मोरिया की बढ़ेंगी मुश्किलें? जांच में हुए अहम खुलासे

मीठी नदी घोटाले में डिनो मोरिया पर कानूनी कार्रवाई की तलवार लटकती हुई दिख रही है। सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी को कुछ ऐसे वित्तीय दस्तावेज़ हाथ लगे हैं जो डिनो मोरिया को करोड़ों के इस घोटाले में मुख्य आरोपियों से जोड़ते हैं।

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मीठी नदी घोटाले में डिनो मोरिया पर कानूनी कार्रवाई की तलवार लटकती हुई दिख रही है।

मुंबई : मीठी नदी घोटाले में डिनो मोरिया पर कानूनी कार्रवाई की तलवार लटकती हुई दिख रही है। सूत्रों के मुताबिक जांच एजेंसी को कुछ ऐसे वित्तीय दस्तावेज़ हाथ लगे हैं जो डिनो मोरिया को करोड़ों के इस घोटाले में मुख्य आरोपियों से जोड़ते हैं। जाँच अधिकारियों को शक है कि 2018 से 2021 के बीच डिनो मोरिया और घोटाले के मुख्य आरोपी (जोशी और कदम परिवारों) के बीच वित्तीय लेनदेन हुए हैं।

हालांकि कंपनियों के आधिकारिक रिकॉर्ड में मोरिया का कोई प्रत्यक्ष नाम नहीं है, लेकिन बैंक खातों की जांच में उनका नाम वित्तीय लेन-देन की कड़ी में सामने आया है। इस मामले में ईओडब्ल्यू 7-8 बैंक खातों और कुछ कंपनियों से संबंधित दस्तावेज़ और बैंक रिकॉर्ड की छानबीन कर रवि है। इन कंपनियों में कथित तौर पर डिनो मोरिया के नाम पर कई ट्रांजैक्शन दर्ज हैं।

जांच के दायरे में दो कंपनियों के नाम

जांच के दायरे में दो कंपनियां विशेष रूप से शामिल हैं — UBO Rides और Vodar India Ltd. दोनों का रजिस्टर्ड पता एक ही है और कंपनी डायरेक्टर्स भी एक ही परिवार के हैं। UBO Rides में कदम की पत्नी और एक व्यक्ति सैंटीनो के नाम सामने आए हैं।

डिनो का नाम सामने आया

मिली जानकारी के मुताबिक, डिनो मोरिया और आरोपी जोशी-कदम परिवार के बीच लगभग 25 वर्षों से जान-पहचान रही है, जिसे अब जांच की अहम कड़ी माना जा रहा है। चूँकि डिनो मोरिया के आदित्य ठाकरे से काफ़ी क़रीबी संबंध हैं और इस टेंडर के दौरान शिवसेना उद्धव गट बीएमसी की सत्ता पर क़ाबिज़ था तो कहीं डिनो मोरिया ने अपने कांटैक्ट का इस्तेमाल कर इस घोटाले में कोई भूमिका तो नहीं निभाई ये भी जाँच का विषय है ।

मनी लॉन्ड्रिंग या सर्कुलर फंडिंग की आशंका

जांच एजेंसी डिनो मोरिया से ये जानना छह रही है कि उन्हें मुख्य आरोपियों और उनसे जुड़ी कंपनियों से ये रकम किस आधार पर मिली? क्या ये कमीशन के रूप में दी गई थी? ईओडब्ल्यू को शक है कि आरोपी केतन कदम ठेकेदारों और अन्य कांट्रैक्टर्स के बीच एजेंट की भूमिका निभा रहा था, और इन लेनदेन में मनी लॉन्ड्रिंग या सर्कुलर फंडिंग की आशंका जताई जा रही है।

कई आरोपी फिलहाल अग्रिम ज़मानत पर बाहर

घोटाले से जुड़े कई आरोपी फिलहाल अग्रिम ज़मानत पर बाहर हैं, जबकि कुछ अभी भी फरार हैं। वित्तीय आंकड़ों का एक विस्तृत फॉरेंसिक ऑडिट जारी है और रिपोर्ट 30 दिनों के भीतर आने की उम्मीद है। हालांकि अभी तक डिनो मोरिया को औपचारिक रूप से आरोपी नहीं बनाया गया है, लेकिन उनके खिलाफ जांच जारी है और उन्हें आगे भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है।

ईओडब्ल्यू का मानना है कि दस्तावेज़ों में नाम न होने के बावजूद, बैंक रिकॉर्ड और डिजिटल एविडेंस से सामने आए वित्तीय संबंध कई गंभीर सवाल खड़े करते हैं। जांच की अगली दिशा अब इन रिकॉर्ड्स और डिजिटल डेटा को मिलान करने पर केंद्रित है।

Rakesh Kamal Trivedi
राकेश त्रिवेदीauthor

20 वर्षों से अधिक के अनुभव के साथ टीवी पत्रकारिता में सक्रिय, वर्तमान में TIMES NOW नवभारत में न्यूज़ एडिटर। क्राइम और इन्वेस्टिगेटिव जर्नलिज़्म में मजबूत पकड़ के साथ महाराष्ट्र की राजनीति और हाई-इम्पैक्ट राष्ट्रीय खबरों पर गहरी नज़र। डेटा-ड्रिवन रिसर्च, निर्भीक सवाल, ऑन-ग्राउंड एक्सपीरियंस और बेबाक विश्लेषण का संतुलित मिश्रण उनकी शैली की खासियत है।

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