मुंबई

Mumbai News: गाय भैंस के नहीं गधी के दूध की बढ़ी डिमांड, कीमत जान उड़ जाएंगे होश

Mumbai News: गाय, भैंस और बकरी का दूध नहीं मुंबई में गधी के दूध की डिमांड बढ़ती जा रही है। यहां एक शख्स मुंबई के धारावी में घर-घर जाकर गधी का दूध बेच रहा है, जिसे माताएं अपने बच्चों को पिलाती है।

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गधी के दूध की बड़ी मुंबई में डिमांड

Mumbai News: दूध को संपूर्ण आहार माना जाता है। जितना महत्वपूर्ण दूध बच्चों के लिए होता है उतना ही महत्वपूर्ण बड़ों के लिए भी होता है। इसमें न केवल कैल्शियम होता है बल्कि दूध प्रोटीन, विटामिन डी से भी भरपूर होता है। हड्डियों को मजबूत रखने के लिए दूध को या उससे बने उत्पादों को महत्व दिया जाता है।

गाय, बकरी और भैंस के दूध के बारे में तो आपने सुना ही होगा,लेकिन हैरानी की बात ये है कि अब गधी का दूध भी बिक रहा है। ये खबर है मुंबई के धारावी की जहां आज-कल गधी के दूध की डिमांड अधिक है और लोग अपने बच्चों को इसे बहुत पिला रहे हैं। लेकिन ये दूध केवल मंगलवार के दिन ही मिलता है। मुंबई के धारावी में एक शख्स मंगलवार के दिन आता है और घर-घर जाकर दूध बेचता है। लोग 50 रुपये चम्मच की कीमत से इसे खरीदकर अपने बच्चों को पिलाते हैं। आइए आपको बताएं गधी का दूध की कहानी...

क्या है गधी के दूध की अवधारणा

भले ही उत्तर भारत में गधे के दूध के महत्व के बारे में लोग न जानते हो या उनके लिए ये एक अनसुनी बात हो लेकिन दक्षिण भारत यानी साउथ इंडिया में गधी के दूध को बहुत अधिक महत्व दिया जाता है। यहां तक की कर्नाटक में गधी के दूध का फार्म भी है। ये लोग न केवल उसका दूध बेचते हैं बल्कि डंकी मिल्क पाउडर और डंकी मिल्क घी बनाकर भी बेचा जाता है। कुछ लोगों का तो ये भी कहना है कि गधी का ये दूध 'लिक्विड गोल्ड' है।

दरअसल, दक्षिण भारत में गधी के दूध को लंबे समय से बच्चों के सबसे बेहतर पोषण और विकास का स्रोत मानते हैं। यही कारण है कि वहां बच्चों को गधी का दूध दिया जाता है और इसके महत्व को समझते हुए फार्म भी खोले जा रहे हैं।

गधी का दूध इतना महंगा क्यों

मुंबई के धारावी में 1 चम्मच गधी का दूध 50 रुपये का बेचा जा रहा है। इससे आपको अंदेशा हो ही गया होगा कि ये दूध बहुत अधिक महंगा होगा है। बता दें कि दक्षिण भारत में गधी के 1 किलो दूध की कीमत 6000 रुपये की है। इसके पीछे का कारण ये है कि गधी के दूध की शेल्फ लाइफ कम होती है।

दूध विक्रेता ने क्यों बताया इसे आवश्यक

मुंबई के धारावी में मंगलवार के दिन अपनी गधी को लेकर दूध बेचने वाले इस विक्रेता से जब बात की गई तो उसने बताया कि गधी का दूध बुखार, कमजोर दांत, अल्सर, अस्थमा, आंखों पर दबाव, थकान और स्त्री संबंधी समस्याओं के इलाज के लिए काफी सहायक होता है। इसके साथ उसने ये भी कहा कि अमेरिका और ग्रामीण यूरोप के देशों में ये एक सामान्य बात है।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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