Civic Body Polls: शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने गुरुवार को महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने आगामी बीएमसी चुनाव से जुड़ी तैयारियों, मैनिफेस्टो सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा की।
कहां हुई मुलाकात
उद्धव ठाकरे ने राज ठाकरे से उनके निवास स्थान 'शिवतीर्थ' में मुलाकात की। इससे दो दिन पहले मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने उद्धव ठाकरे के निवास मातोश्री का दौरा किया था। माना जा रहा है कि दोनों के बीच दोनों पार्टियों के कार्यकर्ताओं की बगावत से निपटने की रणनीति पर चर्चा हुई, क्योंकि हर वार्ड से कई उम्मीदवार ऐसे थे जिन्होंने आधिकारिक उम्मीदवार के खिलाफ बगावत कर दी है। दोनों पार्टियों के प्रमुख मुंबई में संयुक्त रैलियों को संबोधित करेंगे।
इससे पहले दिन में, शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने कहा कि महाराष्ट्र के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे चुनाव घोषणापत्र को अंतिम रूप दे रहे हैं। राउत ने कहा कि दोनों नेता संयुक्त रैलियों को संबोधित करेंगे, मुंबई में तीन, कल्याण-डोंबिवली में दो और ठाणे, मीरा-भयंदर और नासिक में एक-एक रैली होंगी। मुंबई सहित 29 स्थानीय निकायों के चुनाव 15 जनवरी को होंगे। वोटों की गिनती एक दिन बाद होगी।
BMC की इन सीटों पर शिवसेना (UBT)- महायुति के बीच सीधा मुकाबला
मुंबई नगर निकाय की 227 में से 32 सीट पर भाजपा-शिवसेना गठबंधन और शिवसेना (यूबीटी)- मनसे गठबंधन के बीच सीधा मुकाबला देखने को मिलेगा, क्योंकि इन सीट पर कोई मजबूत तीसरे मोर्चे का उम्मीदवार मैदान में नहीं होगा। ऐसा इसीलिए हुआ क्योंकि कांग्रेस-वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) गठबंधन ने इन सीट पर उम्मीदवार नहीं उतारे हैं।
सूत्रों के अनुसार, वीबीए के लिए मुंबई में उसके हिस्से में आई 62 सीट में से 21 सीट पर उम्मीदवार उतारना आसान नहीं रहा। पार्टी सूत्रों ने बताया कि कुछ निर्वाचन क्षेत्रों में अनुपयुक्त उम्मीदवार उतारने के बजाय वीबीए ने वहां उम्मीदवार नहीं उतारने का फैसला किया, जबकि कुछ सीटों पर दस्तावेज में कमी की वजह से समस्या आई। स्थिति को भांपते हुए वीबीए ने मंगलवार सुबह कांग्रेस को अवगत कराया कि वह केवल पांच सीट पर चुनाव लड़ेगी और शेष 16 सीट पर कांग्रेस को अपने उम्मीदवार उतारने को कहा।
कांग्रेस ने मुंबई में अब तक 143 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा की है। वीबीए 46 सीट पर चुनाव लड़ रही है, जबकि वाम दलों और राष्ट्रीय समाज पार्टी सहित अन्य सहयोगियों को छह सीटें दी गई हैं। इस तरह कांग्रेस नेतृत्व वाले गठबंधन ने कुल 195 सीट पर उम्मीदवार उतारे हैं। इसके कारण ऐसी 32 सीट हैं जिन पर किसी बड़े तीसरे मोर्चे ने उम्मीदवार नहीं उतारा है, जिससे वोट बंटवारे की संभावना नहीं है। शिवसेना (यूबीटी) के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, “यह स्थिति ठाकरे खेमे के लिए फायदेमंद हो सकती है, क्योंकि भाजपा विरोधी वोट नहीं बंटेगा।” उन्होंने कहा कि नामांकन पत्रों की जांच पूरी होने के बाद ही अंतिम तस्वीर साफ होगी।
