Mumbai Monsoon Week 2024: मुंबई में मॉनसून के एक्टिव होने से झमाझम बारिश का दौर जारी है। पिछले सप्ताह 7 और 8 जुलाई को भारी बारिश के कारण आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित था। सड़कों से लेकर रेलवे ट्रैक पर यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया था। कई मुंबई लोकल को रद्द करना पड़ा था। हालांकि, उसके बाद सामान्य जनजीवन पटरी पर लौट आया है। लेकिन, एक बार फिर तेज बारिश दर्ज की जा रही है। गुरुवार-शुक्रवार की मध्य रात्रि से भीषण बारिश हो रही है। लोग सो कर उठे तो सड़कें पानी से लबालब मिलीं। जहां, उत्तर भारत के राज्यों दिल्ली, यूपी, हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश-राजस्थान में बारिश के बाद उमस भरी गर्मी ने बेहाल कर रखा है। वहीं, मुंबई में पारा बेहद नीचे है, जिससे गर्मी जैसा कुछ भी एहसास नहीं हो रहा है। अब मुंबई में मॉनसूनी सप्ताह भी एक्टिव होने जा रहा है, जिससे दिन-रात बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। तो आइये जानते हैं आने वाले दिनों में मायानगरी का मौसम कैसा रहेगा?
मुंबई में गुरुवार को कई हिस्सों में तेज बारिश दर्ज की गई। कोलाबा में 59 मिमी बारिश तो सांताक्रूज में 23 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम को देखते हुए यही लग रहा है मायानगरी में मॉनसून पूरी तरह से लय पकड़ने वाला है, जिससे बारिश का लंबा दौर देखने को मिलेगा। हालांकि, अधिक बारिश से मुंबईकरों की मुसीबतें भी बढ़ने की आशंका है। इस दौरान सार्वजनिक परिवहन से कामकाज, दफ्तर आदि जाने वाले लोगों की परेशानियां भी बढ़ेंगी।
जुलाई में हो सकती है 1000 मिमी मीटर बारिश
मुंबई में रिकॉर्ड रहा है कि जुलाई का महीना सबसे अधिक बारिश दर्ज करवाता है। इस महीने सामान्य तौर 840.7 मिमी मीटर बारिश होती है, राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की चार महीने की मॉनसूनी बारिश से अधिक है। मुंबई में 1000 मिमी मीटर बारिश भी दर्ज की जाती रही है। और इस साल तो आईएमडी ने अच्छी खासी बारिश का अंदेशा जताया है। ऐसे में तो यही प्रतीत होता है कि कहीं बारिश का मीटर सारे रिकॉर्ड न तोड़ दे। मुंबई के मॉनसून पर गौर करें तो सीजन के दूसरे महीने यानी अगस्त में थोड़ी राहत रहती है, वह भी कोई निश्चित नहीं।
समुद्र में ज्वार भाटा की आशंका
दरअसल, इस बार कोंकण से केरल तक फैली तटवर्ती गर्त (ऑफशोर ट्रफ) के एक्टिव होने की आशंका है। यह मुंबई के ऐसे हिस्से में स्थित है, जहां पर अधिक और तीव्र मॉनसूनी बारिश को संचालित करने की विशेषता रखता है। मुंबई की भौगोलिक स्थिति को देखें तो यह कोंकण तट पर स्थित है, जो अरब सागर से बिल्कुल नजदीक है। लिहाजा, समुद्र में ज्वार भाटा, उफान का खतरा बढ़ जाता है।
सप्ताह में ऐसे आगे बढ़ेगा समुद्री मॉनसून
इस सप्ताह के आखिर में बीओबी पर एक चक्रवर्ती परिसंचरण बनने की संभावना है। यह 12 जुलाई को यानी आज ओडिशा तट पर एक ट्रफ रेखा विकसित होगी, जो 13 जुलाई को परिसंचरण का प्रारंभिक आकार लेगी। इसके 14 जुलाई तक और मजबूती के साथ सघन संगठित प्रसार बनाएगा। अगले 15 जुलाई को सिस्टम आंशिक रूप से बढ़ेगा। इसके बाद 16 और 17 जुलाई को पूर्व-पश्चिम अक्ष को मजबूत करते हुए 18 जुलाई को तेज हवाओं से टकराएगा, जिसके बाद शियर जोन के मध्य महाराष्ट्र और कोंकण क्षेत्र पहुंचेगा, जिससे भारी बारिश के आसार बनेंगे। ऐसे में एक सप्ताह में बारिश का बड़ा प्रारूप बन रहा है। अगर, एक बार फिर भारी बारिश होती है तो सामान्य जनजीवन बेपटरी हो सकता है।
