मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को पूरे एमपी में कोल्ड वेव के हालात देखने को मिले। सुबह के समय कई शहरों में अत्यंत घना कोहरा छाया रहा। जिसके चलते लोगों को 20 मीटर दूर देखने में भी परेशानी हुई। आज सुबह भी 30 से अधिक जिलों में घना कोहरा छाया रहा।
घने कोहरे के कारण सड़क, रेल और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। कम विजिबिलिटी के कारण सड़कों पर वाहन चालकों को ड्राइविंग में समस्या हो रही है। कई ट्रेनें और फ्लाइट्स भी देरी से चल रही हैं। जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
कड़ाके की ठंड के चलते एमपी के 24 जिलों में स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। साथ ही 5 जिलों में स्कूल के समय में भी बदलाव किया गया है। इसके अलावा 27 जिलों में फिलहाल कोई आदेश जारी नहीं हुआ है।
सर्द हवाओं के चलते राज्य के अधिकतर शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे पहुंच गया है। मौसम विभाग के अनुसार शहडोल के कल्याणपुर में न्यूनतम तापमान 3.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दतिया में 4.4 डिग्री, भोपाल में 6.8 डिग्री, उज्जैन में 9.5 डिग्री, इंदौर में 8.6 डिग्री, ग्वालियर में 6.4 डिग्री और जबलपुर में 9 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रहा।
मौसम विभाग के अनुसार भोपाल, सीहोर, खंडवा, रतलाम, उज्जैन, राजगढ़, विदिशा दतिया और टीकमगढ में कोल्ड डे का अलर्ट जारी किया गया है।
आज मध्य प्रदेश के मुरैना में सीजन का सबसे घना कोहरा देखने को मिला। जहां विजिबिलिटी सिर्फ 20 मीटर ही रह गई। रायसेन में तीन दिन से शीतलहर का प्रकोप जारी है। बर्फीली हवाओं के चलते दिन में भी कंपकंपी छूट रही है।
मध्य प्रदेश में इस सीजन में नवंबर-दिसंबर में रिकॉर्डतोड़ ठंड पड़ी है। नवंबर माह में पिछले 84 सालों में सबसे अधिक सर्दी पड़ी। वहीं दिसंबर में ठंड ने 25 साल का रिकॉर्ड तोड़ दिया। मौसम विभाग ने जनवरी में भी एमपी में कड़ाके की ठंड पड़ने का पूर्वानुमान जताया है।