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मानसून की चाल : सब-हिमालयी क्षेत्र में मूसलाधार बारिश, इन इलाकों में अगले कुछ दिन भारी बारिश का अलर्ट

उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में लोगों को लू के थपेड़ों से राहत नहीं मिल रही है, दूसरी तरफ उत्तर भारत के ही उप हिमालयी क्षेत्रों में भारी बारिश हो रही है। जानिए मानसून की कैसी है चाल और अगले दो-तीन दिन में किन इलाकों में राहत की बूंदें गिरेंगी और कहां मुसीबत बन जाएगी बारिश -

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भारी बारिश (प्रतीकात्मक तस्वीर)

Photo : PTI

उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में लू (Heatwave) का प्रकोप अब भी जारी है। सोमवार 10 जून को हरियाणा, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, बिहार, मध्य प्रदेश, झारखंड और पश्चिम बंगाल में गंगा नदी के मैदानी इलाकों में भीषण गर्मी से लोग परेशान रहे। सोमवार को उत्तर भारत में तापमान ज्यादातर जगहों पर 42-45 डिग्री के बीच रहा। सबसे ज्यादा 46.3 डिग्री सेल्सियस तापमान प्रयागराज में दर्ज किया गया। ज्यादतर जगहों पर तापमान 3-5 डिग्री ज्यादा दर्ज किया गया। एक तरफ भीषण गर्मी से लोग हलकान हैं तो दूसरी तरफ मूसलाधार बारिश (Very Heavy Rain) ने लोगों की जिंदगी अस्त-व्यस्त कर दी है। मानसून की चाल देखें तो उप-हिमालयी (Sub Himalayan) क्षेत्र में जमकर बारिश हो रही है। सोमवार सुबह 8.30 बजे तक पिछले 24 घंटे में पश्चिम बंगाल और सिक्किम में जमकर बारिश हुई। यहां कूच बिहार के पूंदीबारी में 25 सेंटीमीटर, अलीपुरद्वार में 15 सेमी, कूच बिहार में 14 सेमी, अलीपुरद्वार के फलकाता में 12 सेमी और अलीपुरद्वार के ही बारोभीषा में 10 सेमी बारिश दर्ज की गई। इन इलाकों में मंगलवार 11 से 14 जून तक भी भीषण बारिश की चेतावनी मौसम विभाग (IMD) की ओर से दी गई है। चलिए जानते हैं मानसून (Monsoon) की चाल कैसी है -

204 मिलीमीटर तक बारिश की संभावना

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में मंगलवार 11 जून से 14 जून 2024 तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार भारी बारिश 64.5 से 115.5 मिलीमीटर होती है। बहुत भारी बारिश की स्थिति तब होती है, जब बारिश 115.5 मिमी से 204.4 मिमी तक होती है।

इन पहाड़ी राज्यों में बहुत भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार मंगलवार 11 जून से 14 जून तक असम और मेघाय में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है। इसके अलावा देश के दक्षिण-पश्चिमी तटीय राज्यों और इलाकों जैसे कोंकण और गोवा में आज यानी सोमवार 10 और 11 जून को भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना जतायी गई है। तटीय कर्नाटक में 10-12 जून तक और आंतरिक उत्तर कर्नाटक में 10-11 जून को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जतायी गई है।

यहां भी मूसलाधार बारिश करेंगे मानसूनी बादल

मानसूनी बादल केरल और माहे के आसमान में छाए हुए हैं। यहां 11 और 12 जून को भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना है। इसके अलावा अरुणाचल प्रदेश में 13-14 जून को भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है।

मायानगरी में पहुंचा मानसून

मौसम विभाग ने रविवार को जानकारी दी कि दक्षिण-पश्चिम मानसून मध्य अरब सागर, उत्तर अरब सागर और महाराष्ट्र के बाकी हिस्सो में फैल गया है, इसमें मुंबई भी शामिल है। मुंबई रीजनल मेटेरोलॉजिकल सेंटर ने मुंबई के साथ ही पालघर जिले के लिए येलो अलर्ट जारी किया। रायगढ़, ठाणे, पुणे और रत्नागिरी के लिए ऑरेंज अर्ट जारी किया गया। जबकि सिंधुदुर्ग और कोल्हापुर के लिए भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया।
heavy-rain Waterlogging

मुंबई पहुंच गया मानसून

यहां लू की स्थिति में सुधार नहीं

उत्तर प्रदेश के कुछ इलाकों के साथ ही दिल्ली-एनसीआर, झारखंड, जम्मू, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गंगेय पश्चिम बंगाल आदि राज्यों और इलाकों में अभी लू की स्थिति बनी हुई है। यहां मानसून की फुहारों के लिए अभी और इंतजार करना होगा।

मौसम विभाग के अनुसार अगले 4 दिन उत्तर-पश्चिम भारत जिसमें पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली-एनसीआर के हिस्से आते हैं और सेंट्र इंडिया में तापमान 2-3 डिग्री और बढ़ सकता है। पंजाब, हरियाणा, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में गंगा नदी के मैदानी इलाके में 9 से 13 जून तक रात को भी गर्मी से राहत नहीं मिलेगी, इसके अलावा दिन में गर्मी के साथ उमस भी परेशान करेगी।

यहां तेज हवाएं चलने की संभावना

IMD के अनुसार अगले 7 दिनों में अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा के साथ ही उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में बिजली और तेज हवाओं (30-40 किमी प्रति घंटे) की रफ्तार से हवाएं चलने के साथ ही हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।
Digpal Singh
दिगपाल सिंहauthor

दिगपाल सिंह टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सिटी टीम को लीड कर रहे हैं। शहरों से जुड़ी ताजाखबरें, लोकल मुद्दे, चुनावी कवरेज और एक्सप्लेनर फॉर्मेट पर उनकी मजबूत पकड़ है। 2006 से पत्रकारिता में सक्रिय दिगपाल सिंह को प्रिंट और डिजिटल दोनों माध्यमों में काम करने का अनुभव है। दोनों प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए उन्होंने ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग से लेकर सेंट्रल डेस्क पर बड़ी खबरों की हैंडलिंग तक हर स्तर पर अनुभव हासिल किया है। अब तक 30,000 से अधिक खबरें लिख चुके दिगपाल हाइपर-लोकल न्यूज की बारीकियों, शहरों की समस्याओं और लोगों से जुड़े वास्तविक मुद्दों को समझने की विशेष क्षमता रखते हैं।

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