Bihar News: बिहार विधान परिषद चुनाव के लिए उम्मीदवारों के नामांकन के बीच राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) में असंतोष खुलकर सामने आ गया है। पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री और आरजेडी के एससी-एसटी प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष रहे शिवचंद्र राम ने एमएलसी का टिकट नहीं मिलने पर गहरी नाराजगी जताते हुए पार्टी के सभी संगठनात्मक पदों से इस्तीफा दे दिया। प्रेस कांफ्रेंस के दौरान अपनी व्यथा बताते हुए वे रोने भी लगे।
मीडिया के सामने रोने लगे शिवचंद्र राम
वहीं, पटना में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान शिवचंद्र राम अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख सके और मीडिया के सामने भावुक होकर रोने भी लगे। उन्होंने आरोप लगाया कि पार्टी नेतृत्व ने उनके साथ न्याय नहीं किया और बार-बार भरोसा दिलाने के बावजूद उन्हें न तो विधानसभा चुनाव में मौका दिया गया और न ही इस बार विधान परिषद के लिए उम्मीदवार बनाया गया।
मुझे थी ये उम्मीद
पूर्व मंत्री ने कहा कि लंबे समय से उनका नाम एमएलसी चुनाव के लिए संभावित उम्मीदवारों में चर्चा में था और उन्हें भी उम्मीद थी कि पार्टी उनके योगदान को देखते हुए मौका देगी। लेकिन अंतिम समय में उनका नाम सूची से बाहर कर दिया गया, जिससे वे खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि टिकट न मिलने से उन्हें इस कदर धक्का लगा कि वे चार रातों से सो नहीं पाए।
शिवचंद्र राम ने दावा किया कि उन्होंने वर्षों तक पूरी निष्ठा के साथ पार्टी की सेवा की और संगठन को मजबूत बनाने के लिए लगातार काम किया। इसके बावजूद उनकी अनदेखी की गई। उन्होंने कहा कि पार्टी के भीतर फैसले किस आधार पर लिए जा रहे हैं, यह अब किसी से छिपा नहीं है। समय आने पर कई बातें स्वतः सामने आ जाएंगी।
टाइम्स नाउ नवभारत पर इसे भी पढ़ें- ऋतब्रत बनर्जी को विपक्ष का नेता घोषित करने के खिलाफ TMC पहुंची हाईकोर्ट, 11 जून को हो सकती है सुनवाई
पार्टी पर लगाए गंभीर आरोप
उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी नेतृत्व से मिले आश्वासनों के बावजूद उन्हें अवसर नहीं दिया गया। यही वजह है कि उन्होंने संगठन के सभी पदों से इस्तीफा देने का फैसला किया। हालांकि उन्होंने साफ किया कि उनका संघर्ष पार्टी के भीतर ही रहेगा और उन्होंने आरजेडी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा नहीं दिया है।
शिवचंद्र राम की नाराजगी ऐसे समय सामने आई है जब बिहार में विधान परिषद चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हैं। उनके इस्तीफे और भावुक प्रतिक्रिया ने आरजेडी के अंदरूनी समीकरणों को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
