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महाबलेश्वर हुआ बर्फ से गुलजार, हांड कंपा देने वाली ठंड से 'मिनी कश्मीर' बना असली कश्मीर

Mahabaleshwar News: महाराष्ट्र के सातारा जिले में स्थित महाबलेश्वर, जिसे मिनी कश्मीर के नाम से जाना है, सही मायनों में कश्मीर बन गया है। तापमान के शून्य पहुंचने पर ओस की बूंदे बर्फ में बदल गई है। बर्फ की परत और कड़ाके की ठंड में पर्यटन क्षेत्र को बढ़ावा मिला है।

Mahabaleshwar News: महाराष्ट्र के सातारा जिले में स्थित प्रसिद्ध हिल स्टेशन और 'मिनी कश्मीर' के नाम से मशहूर महाबलेश्वर में नए साल की शुरुआत जोरदार और भीषण ठंड के साध हुई। बता दें कि बीते कुछ दिनों से इस इलाके का तापमान तेजी से नीचे गिर रहा था। गिरते पारे ने यहां उत्तर भारत वाली सर्दी का मौसम बना दिया है। कड़ाके की ठंड में लोग कांपने लगे हैं। जानकारी के अनुसार, जिले के महाबलेश्वर और आसपास के इलाकों में तापमान लुढ़ककर 0 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। अपनी खूबसूरती और प्राकृतिक दृश्य के कारण मिनी कश्मीर के नाम से प्रसिद्ध महाबलेश्वर अब सही मानें में कश्मीर बन गया है। क्योंकि इस हाड़ कंपा देने वाली ठंड के कारण महाबलेश्वर के प्रसिद्ध वेण्णा लेक और लिंगमाला क्षेत्र के पास घास और मैदानों पर बर्फ की सफेद परत जमी हुई दिखाई दी।

वेण्णा लेक और लिंगमाला में कश्मीर जैसा नजारा

महाबलेश्वर में ठंड का आलम यह है कि सुबह के समय चारों तरफ ओस की बूंदें जम हुई नजर आ रही है। विशेष रूप से वेण्णा लेक और लिंगमाला के मैदानी क्षेत्रों में सुबह-सुबह बर्फ जमी हुई देखी तो पर्यटक और स्थानीय लोग हैरान रह गए। महाराष्ट्र में इस पर्यटन स्थल पर इस समय कश्मीर और हिमाचल जैसा अहसास हो रहा है। पारा लुढ़ककर शून्य पर पहुंचने के कारण जमी बर्फ की परतें से पूरा इलाका किसी बर्फीले प्रदेश जैसा नजर आ रहा है।

ठंड से बचने के लिए निवासियों ने अलाव का सहारा

सर्दियों के इस मौसम में महाबलेश्वर में देश-विदेश से बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। यहां आए सैलानी बर्फ के अनोखे नजारे का भरपूर आनंद ले रहे हैं। पर्यटक सुबह की बर्फ के साथ तस्वीरें खिंचवा रहे हैं और 'मिनी कश्मीर' के इस बदले हुए रूप को देखकर उत्साहित नजर आ रहे हैं। इस बीच यहां ठंड इतनी भीषण है कि लोगों को उससे बचने के लिए और खुद को गर्म रखने के लिए अलाव का सहारा लेना पड़ रहा है। होटलों और घरों के बाहर लोग सुबह-शाम आग जलाकर अपने शरीर को गर्म रखने की कोशिश कर रहे हैं।

पर्यटन और स्थानीय जनजीवन पर ठंड का असर

कड़ाके की ठंड ने यहां एक तरफ तो पर्यटन को बढ़ावा मिला, वहीं दूसरी तरफ स्थानीय जनजीवन प्रभावित होता नजर आ रहा है। सुबह और रात के समय सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम हो गई है। मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि आगामी दिनों में महाबलेश्वर में मौसम की स्थिति ऐसी बनी रहेगी। अगर आप नए साल के आगामी दिनों में महाबलेश्वर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो बता दें कि आपको यहां भारी ऊनी कपड़े की जरूर पड़ने वाली है। इसलिए अपनी यात्रा के दौरान ठंड से बचने के पूरे इंतजाम करना जरूरी होगा।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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